वेनेजुएला में गृहयुद्ध का खतरा! मार्को रूबियो की अंतरिम सरकार को दोटूक चेतावनी

वेनेजुएला में गृहयुद्ध का खतरा! मार्को रूबियो की अंतरिम सरकार को दोटूक चेतावनी

अमेरिका ने वेनेजुएला में राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर जोर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा प्रयास नाकाम हुए, तो देश फिर से हिंसा, सशस्त्र संघर्ष और राजनीतिक दमन की स्थिति में पहुंच सकता है। उन्होंने अंतरिम सरकार को साफ संकेत दिया कि चुनावी और न्यायिक सुधारों में देरी वॉशिंगटन को मंजूर नहीं होगी। 

चुनावी सुधारों में देरी पर अमेरिका सख्त

26 अक्टूबर को पत्रकारों से बातचीत में रूबियो ने कहा कि वेनेजुएला में राजनीतिक बदलाव की मौजूदा प्रक्रिया सफल होना जरूरी है। उनके मुताबिक, अगर यह प्रयास विफल होता है, तो देश को गंभीर अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका चाहता है कि वेनेजुएला की न्यायिक व्यवस्था और चुनाव कराने वाली संस्था में बदलाव किए जाएं। वॉशिंगटन का आरोप है कि मौजूदा चुनावी ढांचा निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं है। रूबियो के अनुसार, जब तक संस्थाओं में जरूरी सुधार नहीं होंगे, तब तक स्वतंत्र और विश्वसनीय चुनाव कराना मुश्किल रहेगा। 

सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग में बदलाव की तैयारी

वेनेजुएला में अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के प्रशासन और विपक्ष के कुछ प्रतिनिधियों के बीच संस्थागत सुधारों को लेकर बातचीत चल रही है। अमेरिका को उम्मीद है कि साल के अंत तक नए सुप्रीम न्यायिक न्यायाधिकरण की दिशा में प्रगति होगी और इसके बाद राष्ट्रीय निर्वाचन परिषद में बदलाव किया जाएगा। हालांकि, रूबियो ने चुनाव की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की। उनका जोर इस बात पर रहा कि सुधारों की प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर आगे बढ़नी चाहिए। अमेरिका ने संकेत दिया है कि इस प्रक्रिया में रुकावट आने पर वेनेजुएला के साथ उसके संबंधों और मौजूदा रियायतों पर असर पड़ सकता है। 

प्रतिबंधों के जरिए दबाव बनाए रखेगा अमेरिका

वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंध अभी भी वॉशिंगटन के दबाव का प्रमुख साधन हैं। हालांकि, कुछ आर्थिक गतिविधियों, खासकर तेल से जुड़े लेन-देन को विशेष अनुमति दी गई है। रूबियो ने संकेत दिया कि अगर अंतरिम प्रशासन अपने वादों से पीछे हटता है, तो इन रियायतों की दोबारा समीक्षा की जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका इस प्रक्रिया को अनिश्चितकाल तक खिंचने नहीं देगा। वॉशिंगटन की रणनीति में राजनीतिक सुधारों के साथ आर्थिक स्थिरता भी शामिल है। अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला को ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ना चाहिए, जहां राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक तरीके से संभव हो सकें।

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदले हालात

वेनेजुएला में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत 3 जनवरी 2026 को हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद हुई। इस अभियान में तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाया गया, जहां उन्हें आपराधिक आरोपों का सामना करना है। इसके बाद तत्कालीन उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभाली। रूबियो के मुताबिक, अंतरिम प्रशासन ने सुरक्षा और राजनीतिक बदलाव से जुड़े कुछ अमेरिकी अनुरोधों पर सहयोग किया है। उन्होंने एलेक्स साब के मामले का भी जिक्र किया, जो मादुरो के करीबी सहयोगी रहे हैं। हालांकि, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच सहयोग बढ़ने के बावजूद लोकतांत्रिक बदलाव का रास्ता अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की वापसी

वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो की देश वापसी भी इस घटनाक्रम का अहम हिस्सा है। रूबियो ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने अंतरिम अधिकारियों से पहले ही बातचीत की थी, ताकि मचाडो बिना किसी बाधा के अपने देश लौट सकें। मचाडो लंबे समय से वेनेजुएला की राजनीति में राष्ट्रपति मादुरो की प्रमुख विरोधियों में रही हैं। उनकी वापसी ऐसे समय हुई है, जब देश में चुनावी व्यवस्था में सुधार और भविष्य में मतदान कराने को लेकर बातचीत चल रही है। हालांकि, विपक्ष के सभी धड़े इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं। इससे यह सवाल बना हुआ है कि प्रस्तावित सुधारों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व कितना व्यापक होगा और चुनावी प्रक्रिया पर सभी पक्षों का भरोसा कैसे कायम किया जाएगा। 

लाखों विस्थापित नागरिकों की वापसी भी चुनौती

वेनेजुएला में लंबे समय से जारी राजनीतिक और आर्थिक संकट के कारण लाखों लोगों को देश छोड़ना पड़ा है। रूबियो ने कहा कि अमेरिका ऐसी स्थिर व्यवस्था चाहता है, जिसमें विदेशों में रह रहे वेनेजुएली नागरिक भविष्य में अपने देश लौट सकें। इसके लिए केवल चुनाव कराना ही पर्याप्त नहीं होगा। अर्थव्यवस्था में सुधार, मजबूत संस्थाएं, राजनीतिक स्वतंत्रता और कानून का भरोसेमंद शासन भी जरूरी होगा।

अमेरिका का दावा है कि मौजूदा बातचीत वेनेजुएला को लंबे संघर्ष से बचाते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था की ओर ले जाने का अवसर दे सकती है। लेकिन इस प्रक्रिया की सफलता अंतरिम सरकार, विपक्ष और अन्य राजनीतिक पक्षों के बीच सहमति पर निर्भर करेगी।

क्या वेनेजुएला में लोकतांत्रिक बदलाव संभव होगा?

मार्को रूबियो की चेतावनी से साफ है कि अमेरिका वेनेजुएला में चुनावी और न्यायिक सुधारों को लेकर दबाव बनाए रखना चाहता है। लेकिन चुनाव की तारीख तय न होना और विपक्ष के कुछ धड़ों का बातचीत से बाहर रहना इस प्रक्रिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं।


न्यूज़ डेस्क