नीतीश कब देंगे इस्तीफा? नई सरकार के गठन का शेड्यूल लगभग फाइनल, अब सबसे बड़ा सवाल – बीजेपी किसे बना रही बिहार का नया सीएम?
पटना: बिहार की राजनीति में एक युग का अंत होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च 2026 को बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि वे मुख्यमंत्री पद से कब इस्तीफा देंगे और नई सरकार कब बनेगी।
नीतीश कुमार 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। सूत्रों के मुताबिक, वे खरमास खत्म होने के बाद यानी 14 अप्रैल के आसपास मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके तुरंत बाद एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें नया नेता चुना जाएगा और नई सरकार का गठन होगा।
नया सीएम कौन? बीजेपी की तैयारी तेज
यह पहला मौका होगा जब बिहार को बीजेपी का मुख्यमंत्री मिल सकता है। पिछले करीब 20 साल से नीतीश कुमार की अगुवाई में सरकार चल रही थी।
सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं सम्राट चौधरी (वर्तमान डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता)।
अन्य नामों पर भी चर्चा है, लेकिन बीजेपी ओबीसी चेहरे को प्राथमिकता दे सकती है ताकि सामाजिक समीकरण बिगड़ें नहीं।
जेडीयू की तरफ से भी संभावित नामों पर अटकलें हैं, लेकिन गठबंधन की अंदरूनी बातचीत में बीजेपी ज्यादा आक्रामक नजर आ रही है।
नीतीश कुमार ने खुद कहा है कि नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वे अब राष्ट्रीय राजनीति में ज्यादा सक्रिय रहेंगे।
क्या बदल जाएगा बिहार में?
नीतीश के लंबे शासन (सुशासन बाबू के नाम से मशहूर) के बाद सत्ता का केंद्र अब बीजेपी की तरफ शिफ्ट हो रहा है।
जेडीयू भविष्य में गठबंधन में जूनियर पार्टनर की भूमिका में रह सकती है।
जातीय समीकरण, विकास मॉडल और प्रशासनिक बदलाव पर नजरें टिकी हैं।
राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। एनडीए के अंदर चर्चाएं चल रही हैं और 10-14 अप्रैल के आसपास बड़ा ऐलान होने की उम्मीद है।
अपडेट: स्थिति तेजी से बदल रही है। 10 अप्रैल को राज्यसभा शपथ के बाद पटना और दिल्ली में बैठकें होंगी, जिसके बाद नई सरकार का शेड्यूल क्लियर हो जाएगा।
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महाराष्ट्र में ‘कड़े लॉकडाउन’ की जरूरत नहीं: CM उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र में ‘कड़े लॉकडाउन’ की जरूरत नहीं: CM उद्धव ठाकरे
मुंबई: महाराष्ट्र से लॉकडाउन से जुड़ी एक अच्छी खबर आ रही है। लोगों की चिंता का विषय बन चुके लॉकडाउन को महाराष्ट्र सरकार बिल्कुल भी लागू करने के मूड़ में नहीं है। इस बात की जानकारी आज खुद सीएम उद्धव ठाकरे ने जनता को संबोधित करने हुए अपने संबोधन में कही। हालांकि, उन्होंने कहा है कि कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा।
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की बेकाबू रफ्तार के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे शुक्रवार की रात राज्य की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साल की तरह ही इस बार भी कोरोना से एकजुट होकर मुकाबला करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में और अधिक कड़े लॉकडाउन लगाने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि लोग प्रतिबंधों का पहले से ही सख्ती के साथ पालन कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि कि हम कोरोना महामारी के प्रसार की रोकथाम प्रतिबंधों और लॉकडाउन के जरिए कर रहे हैं। हमारा यह मानना था कि राज्य में 10 लाख एक्टिव कोरोना के केस हो सकते हैं। लेकिन अब तक कोरोना के 7 लाख राज्य में सक्रिय मरीज हैं।
सीएम उद्धव का राज्य की जनता को यह संबोधन ऐसे वक्त पर गया जब एक दिन बाद यानि 1 मई से वैक्सीनेशन के चौथे चरण की शुरुआत हो रही है। लेकिन राज्य सरकार ने वैक्सीन की कमी का हवाला देकर कल से शुरू करने में असमर्थता जताई है।
दूसरी चरफ, कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सूबे की सरकार अलर्ट पर है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक मीटिंग में सभी जिला प्रशासन को ये आदेश दिया है कि कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है ये ध्यान में रखकर तैयारी करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इसके लिए सभी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट अभी से लगाना शुरू कर दें। सभी जरूरी दवाइयों की उपलब्धता को बनाकर रखें। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों के लिए घोषित आर्थिक पैकेज का लाभ उन तक पहुंचना चाहिए, इसके लिए जरूरी कदम उठाएं।
मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया है कि ये सब सिर्फ घोषणाओं तक सीमित ना रखें, इसका क्रियान्वयन भी करें। इसके साथ ही ये भी निर्देश दिया गया है कि जो श्रमिक अभी कोरोना और लॉकडाउन से घबराकर अपने गांव चले गए हैं, वो संक्रमण कम होने पर वापस आएंगे। लेकिन वो लोग वापस आते समय अपने साथ संक्रमण न लाएं, इस बात का खास ख्याल रखने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इसको सुनिश्चित करने के लिए सभी आने वालों का रजिस्ट्रेशन होना चहिए। साथ ही लॉकडाउन में उद्योग बंद ना हो ये ध्यान में रखकर आयोजन करने का आदेश दिया गया है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने आशंका जताई है कि जुलाई और अगस्त के महीने में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। इसलिए अभी उसकी तैयारी का आदेश दिया गया है।
कोरोना के मामले में टॉप पर है महाराष्ट्र
बेशक सीएम उद्धव ठाकरे लॉकडाउन लगाने की जगह कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने व कराने की बात कह रहे हों लेकिन हालात विपरीत ही दिख रहे हैं। दरअसल, कोरोना सबसे ज्यादा कहर महाराष्ट्र में ही बरपा रहा है। आज यानि शुक्रवार को ही 62,919 नए मामलों की पुष्टि हुई है। रात के करीब 10 बजे जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 828 मरीजों की मौत हुई है। इतने ही समय में 69,710 मरीज ठीक हुए हैं।
राज्य में गुरुवार को 66,159 नए मामले सामने आए थे और 771 मरीजों की मौत हुई थी। इससे पहले बुधवार को 63,309 लोग कोरोना से संक्रमित हुए थे और 985 मरीजों की मौत हुई थी। यह एक दिन में कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। राज्य में मंगलवार को 66 हजार 358 नए केस आए थे और 895 मरीजों की मौत हुई थी। सोमवार को 48,700 नए मामलों की पुष्टि हुई थी और 524 मरीजों की मौत हुई थी। महाराष्ट्र में 18 अप्रैल को सर्वाधिक 68,631 मामले आए थे।
दिल्ली के एलजी अनिल बैजल कोरोना की चपेट में, खुद को किया आइसोलेट
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना तांडव मचा रहा है और ताजा अब दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। इसकी जानकारी उन्होंने खुद दी है। अनिल बैजल द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, वह कोरोना वायरस संक्रमित हो गए है। उनकी कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उपराज्यपाल अनिल बैजल ने खुद को घर के कमरे में आइसोलेट कर लिया है।
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अपील की है कि जो भी हाल-फिलहाल में उनके संपर्क में आए हैं, वे अपना कोरोना का टेस्ट करवा लें। साथ ही उपराज्यपाल ने यह भी जानकारी ट्वीट में दी है कि हल्के लक्षण है, इसलिए घर पर ही रहूंगा।
बता दें कि दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसी के साथ मौतों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में 24 घंटे के दौरान 24235 नए मामले सामने आए, जबकि 395 लोगों की मौत हो गई। यह अब तक सबसे बड़ा आंकड़ा है।
मजबूरी ! दिलवालों की दिल्ली में कुत्तों के श्मशान में हो रहा इंसानों का अंतिम संस्कार
नई दिल्ली: कोरोना वायरस से दिल्ली में हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि अब तो श्मशान में लाशों को जलाने के लिए जगह ही नहीं बची हुई है। मजबूरन इंसानों का अंतिम संस्कार अब पशुओं के श्मशान घाट में किया किया जा रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अब दिलवालों की दिल्ली में नौबत यहां तक आ गई है कि अब कुत्तों के श्मशान घाटों पर इंसानों के अंतिम संस्कार का इंतज़ाम किया जा रहा है।
दिल्ली में हर रोज़ कोरोना से मरने वालों का रिकार्ड टूट रहा है। हालात इतने ख़राब हो चुके हैं कि श्मशान घाट पूरी तरह से भरे हुए है। दिल्ली के हर श्मशान घाट पर 5-6 घंटे का वेटिंग है, श्मशान घाटों पर भारी दबाव को देखते हुए दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने द्वारका के कुत्ता श्मशान घाट को इंसानों के श्मशान घाट में तब्दील करने का फ़ैसला किया है।
बता दें कि यहां पर कुल 50 पल्टेफॉर्म बनाए जा रहे हैं। चिता जलाने ले लिए लकड़ियां भी इकट्ठा की जा रही हैं। वहीं, दिल्ली के सरकारी आंकड़ों में जितनी मौतें बताई जा रही हैं, हक़ीक़त उससे काफी अलग है। श्मशानों में जितने शव पहुंच रहे हैं, वो सरकारी आंकड़ों से काफ़ी ज़्यादा हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में मौत का आंकड़ा और ऊपर जाने की आशंका है। ऐसे में श्मशानों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
महाराष्ट्र में कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना, तैयारी में जुटी उद्धव सरकार
ऑक्सीजन प्लांट लगाने से लेकर और भी की तरह के कार्य करने हेतु मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं।
मुंबई: अभी देश में कोरोना की दूसरी लहर पीक पर है और हालात बेकाबू हो चुके हैं। प्रतिदिन लगभग लाख नए केस आ रहे हैं और हजारों की संख्या में लोगों की मौत हो रही है। श्मशान घाट पर शवों की लाइन लगी हुई है अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन नहीं है लेकिन महाराष्ट्र में कोरोना और तांडव मचाने वाला है। विशेषज्ञों के मुताबिक महाराष्ट्र में कोरोना की तीसरी लहर के आने की संभावना है।
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सूबे की सरकार अलर्ट पर है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक मीटिंग में सभी जिला प्रशासन को ये आदेश दिया है कि कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है ये ध्यान में रखकर तैयारी करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इसके लिए सभी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट अभी से लगाना शुरू कर दें। सभी जरूरी दवाइयों की उपलब्धता को बनाकर रखें। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों के लिए घोषित आर्थिक पैकेज का लाभ उन तक पहुंचना चाहिए, इसके लिए जरूरी कदम उठाएं।
मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया है कि ये सब सिर्फ घोषणाओं तक सीमित ना रखें, इसका क्रियान्वयन भी करें। इसके साथ ही ये भी निर्देश दिया गया है कि जो श्रमिक अभी कोरोना और लॉकडाउन से घबराकर अपने गांव चले गए हैं, वो संक्रमण कम होने पर वापस आएंगे। लेकिन वो लोग वापस आते समय अपने साथ संक्रमण न लाएं, इस बात का खास ख्याल रखने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि इसको सुनिश्चित करने के लिए सभी आने वालों का रजिस्ट्रेशन होना चहिए। साथ ही लॉकडाउन में उद्योग बंद ना हो ये ध्यान में रखकर आयोजन करने का आदेश दिया गया है। वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने आशंका जताई है कि जुलाई और अगस्त के महीने में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। इसलिए अभी उसकी तैयारी का आदेश दिया गया है।
दिल्ली को अभी तक नहीं मिला वैक्सीन, CM केजरीवाल की अपील-‘कल सेंटर्स पर ना लगाएं लाइन’
सीएम केजरीवाल ने दिल्ली को आश्वस्त किया है कि अगले तीन महीने में सभी को वैक्सीन लग जाएगी।
नई दिल्ली : 1 मई 2021 से 18 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीन लगने वाले हैं लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में अभी तक वैक्सीन पहुंची ही नहीं है। जी हां! दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि वह सेंटर्स पर कल (1 मार्च 2021) को लाइन ना लगाएं क्योंकि दिल्ली सरकार को अभी तक वैक्सीन नहीं मिल सकी है।
शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सीएम केजरीवाल ने कहा कि 1 मई से 18-44 साल के लोगों को टीका लगना शुरू होना है। इसके लिए बहुत सारे लोगों ने रजिस्टर किया है। अभी तक हमारे पास वैक्सीन नहीं पहुंची है। हम लगातार कंपनी के टच में हैं। हमको उम्मीद है कल या परसों में वैक्सीन जाएगी। कल या परसों सबसे पहले 3 लाख कोविशील्ड वैक्सीन आएगी। अभी कल आप टीका लगवाने के लिए लाइन में मत लगना। जैसे ही वैक्सीन आएगी हम आपको बताएंगे तब आप आना।
वैक्सीन सबको लगेगी
केजरीवाल ने कहा कि जिस-जिस का रजिस्ट्रेशन होगा, अपॉइंटमेंट होगा वह लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आना। वैक्सीन सबको लगेगी, लेकिन सबका सहयोग चाहिए। उम्मीद है कल या परसों आ जाएगी। दोनों वैक्सीन कंपनियां 67-67 लाख डोज़ हमको देंगी। यह अगले 3 महीने में उपलब्ध कराएं, हम पैसे चुकाएंगे। इन कंपनियों से हमने शेड्यूल मांगा है कि वह कब-कब सप्लाई कर सकती हैं।
3 महीने में पूरी दिल्ली को टीका लगाने का लक्ष्य
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी कोशिश है कि अगले 3 महीने में पूरी दिल्ली के लोगों को टीका लगा दें। हम पूरी कोशिश करेंगे और हमने इसकी पूरी प्लानिंग कर ली है, इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर लिया है लेकिन निर्भर इस बात पर करेगा कि दोनों कंपनियां हमें कब तक वैक्सीन देंगी।
उन्होंने कहा कि अगर पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई तो अगले 3 महीने में सबको टीका लग जाएगा। सब लोग वैक्सीन जरूर लगवाएं। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। आप सब लोगों का सहयोग चाहिए। अगर दिल्लीवासी सहयोग करेंगे तभी हम अगले 3 महीने में सबको लगा पाएंगे। यह बहुत बड़ा कार्यक्रम है। आपसे बस यही निवेदन है कि अगले कुछ दिनों में टीकाकरण केंद्र में भीड़ मत लगाना।
राजधानी दिल्ली में कोरोना का तांडव जारी, 24 घंटे में रिकॉर्ड 395 मरीजों की मौत
राजधानी दिल्ली में कोरोना का तांडव जारी, 24 घंटे में रिकॉर्ड 395 मरीजों की मौत
देश में जारी कोरोना की सूनामी के बीच राजधानी दिल्ली में कोरोना का तांडव जारी है। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में रिकॉर्ड 395 मरीजों की मौत हई, जो महामारी की शुरुआत के बाद अबतक सबसे ज्यादा है। इससे पहले 368 लोगों ली मौत हुई थी।
वहीं पिछले 24 घंटे में कोरोना 24,235 नए संक्रमण के केस सामने आए। दिल्ली में संक्रमण दर अब भी लगातार 30 फीसदी से ज्यादा बना हुआ है। आज ये 32.82 फिसदी है।
लगातार आठवें दिन 300 से ज्यादा मौतें हुई है। अब तक 15772 लोगों की मौत दिल्ली में हुई है। हालाँकि 24 घंटे में 25,615 मरीज़ बीमारी को मात देने में कामयाब रहे।
हर दिन कोरोना के नए मामलों के साथ-साथ मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। दूसरी ओर अस्पतालों की स्थिति भी बेहतर नहीं हुई है, मरीजों को अभी भी बेड्स और ऑक्सीजन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। वहीँ देश मे कोरोना के बढ़ते मामले चिंता का विषय है।
हाईकोर्ट का केंद्र से सवाल-‘महाराष्ट्र, एमपी को डिमांड से ज्यादा ऑक्सीजन, दिल्ली को कम क्यों?
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में ऑक्सीजन की हालत को देखते हुए केंद्र सरकार से इसपर विचार करने की बात कही है।
नई दिल्ली: दिल्ली का ऑक्सीजन कोटा कागजों पर बढ़ गया है और ऑक्सीजन आपूर्ति भी केंद्र द्वारा की जा रही है लेकिन यह पर्याप्त नहीं हो रहा है। दरअसल, दिल्ली सरकार के मुताबिक उन्हें 700 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है लेकिन केद्र द्वारा मात्र 480 या 490 एमटी ही दी जा रही है। वहीं, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को डिमांड से ज्यादा ऑक्सीजन सप्लॉय की जा रही है। अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है।
केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने लिए कल तक का समय दिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने ये भी पूछा है कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को मांग से ज्यादा आवंटन क्यों दिया जा रहा है। एमिकस क्यूरी और दिल्ली सरकार ने बताया था कि महाराष्ट्र की 1500 एमटी टन मांग थी उसके 1661 एमटी दी जा रही है। जबकि एमपी को 445 एमटी ऑक्सीजन देनी थी उसको 540एमटी दी जा रही है। वहीं केंद्र ने कहा कि दिल्ली के पास 480 एमटी ऑक्सीजन लेने के लिए भी टैंकर नहीं हैं।
इसके अलावा हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा है कि दिल्ली के बाकी 4 पीएसए के लिए वेंडर कब तक उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने दिल्ली सरकार को यूपी की तरह डीआरडीओ से ऑन बॉर्ड ऑक्सीजन बनाने के लिए आग्रह भेजने को कहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में ऑक्सीजन की हालत को देखते हुए केंद्र सरकार से इसपर विचार करने की बात कही है। साथ ही यह भी आदेश दिया है कि आदेश दिया कि दिल्ली में कालाबाज़ारी के जरिए बेची जा रही रेमेडेसिविर और ऑक्सीजन सिलेंडरों को केस प्रॉपर्टी ना बनाकर रिलीज किया जाए, ताकि अस्पतालों में इनका इस्तेमाल किया जा सके।
पुलिस को छूट लेकिन मरीजों व तीमारदारों को ना करे परेशान
हाईकोर्ट ने कहा कि जब भी पुलिस इस तरह दवा या सिलेंडर जब्त करे, वो इनके जेनुअन होने का पता लगाए, इसके बाद डिप्टी कमिश्नर को इसी जानकारी दे। कोर्ट के अनुसार डिप्टी कमिश्नर इन्हें अस्पतालों के लिए रिलीज करे। दिल्ली हाईकोर्ट ने ये भी साफ किया कि मरीज के घरवालों ने ये खरीदे हैं तो उनसे ना जब्त किए जाएं क्योंकि उन्हें जरूरत के चलते लिया है। हाईकोर्ट को बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने 200 ऑक्सीजन सिलेंडर और 200 से ज्यादा रेमेडेसिविर बरामद किए हैं।
कोरोना से हज़ारों की मौत के बाद एक्शन में CM दिल्ली सरकार, खरीदेगी 21 पोर्टेबल ऑक्सीजन प्लांट!
News9इंडिया ब्यूरो: राजधानी दिल्ली में कोरोना की सुनामी जारी है। हर रोज़ सैकड़ों मरीज़ों के मौत के बाद अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी दूर करने के तात्कालिक प्लान एक्शन मोड में दिल्ली सरकार।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि "ऑक्सीजन की कमी दूर करन लिए दिल्ली सरकार बैंकॉक से 18 ऑक्सीजन टैंकर भी मंगवा रही है। ये टैंकर कल से आने चालू हो जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार से हमने एयरपोर्ट से जहाज देने की रिक्वेस्ट की है।उनका काफी सकारात्मक रवैया रहा है।
केजरीवाल ने कहा "हमें केंद्र सरकार का इसमें पूरा सहयोग मिल रहा है. उम्मीद है जल्द यह काम होगा। टैंकर आने के बाद ऑक्सीजन इम्पोर्ट की समस्या खत्म हो जाएगी।"
अरविंद केजरीव के मुताबिक कोरोना के इस भीषण संकट काल में राजधानी दिल्ली के अस्पतालों के सामने ऑक्सीजन की कमी भी एक बड़ी समस्या बनकर खड़ी हो गयी है। इसी संकट से निपटने के लिए केजरीवाल सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज बताया कि फ्रांस से 21 रेडी टू यूज़ ऑक्सीजन प्लांट मंगवाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''हम फ्रांस से 21 रेडी टू यूज़ ऑक्सीजन प्लांट निर्यात कर रहे हैं।
इनका इस्तेमाल तुरंत किया जा सकता है। इन्हें दिल्ली के अलग अलग अस्पतालों में लगाया जाएगा।
इससे ऑक्सीजन संकट से जूझ अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।''
इससे पहले आज सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल का दौरा किया। अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद केजरीवाल ने कहा, ''दिल्ली सरकार युद्ध स्तर पर ICU बेड तैयार कर रही है।
GTB अस्पताल के सामने वाले राम लीला ग्राउंड में 500 ICU बेड तैयार हो रहे हैं. 500 ICU BED दिल्ली के मुख्य राम लीला मैदान में बन रहे हैं. इसके साथ ही 200 ICU BED राधा स्वामी सत्संग ब्यास में तैयार हो रहे हैं. कुल 1200 ICU बेड 10 मई तक तैयार हो हो जाएंगे।''
बॉम्बे HC ने Remdesivir के मामले पर महाराष्ट्र सरकार को लगाई फटकार, कहा-जिम्मेदारियों से भाग रहे अधिकारी
नागपुर. बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay Highcourt) ने रेमडेसिविर (Remdesivir) इंजेक्शन खरीदने और कोविड-19 रोगियों को वितरित करने के मामले में अत्यंत संवेदनहीन रवैया अपनाने के लिए बुधवार को महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं. कोविड-19 रोगियों के इलाज में इस्तेमाल की जा रहीं वायरल-रोधी दवा के लिए देशभर में जारी मारामारी की पृष्ठभूमि में उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने यह तीखी टिप्पणियां की हैं.
जस्टिस एस बी शुक्रे और जस्टिस एस एम मोदक की पीठ ने इस बात पर नाराजगी जतायी कि 19 अप्रैल के उसके आदेश का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया, जिसमें राज्य सरकार को कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित नागपुर को उसी दिन रेमडेसिविर की 10,000 शीशियों की आपूर्ति करने का निर्देश दिया गया था. अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस 'बुरे तथा दुष्ट समाज' का हिस्सा होना और महाराष्ट्र में कोरोना वायरस रोगियों के लिए कुछ नहीं कर पाना शर्म की बात है.
पीठ ने महामारी से संबंधित मुद्दों, अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं के अभाव और पीड़ितों के सामने आ रही दिक्कतों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं.
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 67,468 नए मामले सामने आए महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 67,468 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 40,27,827 हो गई. इसके अलावा 568 रोगियों की मौत हो गई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राज्य में 18 अप्रैल को एक दिन में संक्रमण के सबसे अधिक 68,631 मामले सामने आए थे. अधिकारी ने कहा कि 568 और रोगियों की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या 61,911 हो गई है.
विदर्भ में भारतीय वैरिएंट की जानकारी जुटा रहे शोधकर्ता, एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता
नागपुर. भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Second Wave) का कहर जारी है. अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक देश में बढ़ते मामलों का कारण माने जा रहे कोविड वैरिएंट B.1.617 के बारे में जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं. कहा जा रहा है कि यह वैरिएंट अमरावती में मिला और फरवरी में इसी की वजह से आसपास के जिलों में संक्रमण के मामले बढ़ गए. हालांकि, अभी इस बात को पुख्ता करने के लिए और भी शोध की जरूरत है. फिलहाल वैज्ञानिकों ने इस वैरिएंट के बारे में जानकारी जुटाने के लिए विदर्भ का रुख किया है.
मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं का मानना है कि यह भारत में पैदा हुआ वैरिएंट है. इसी के चलते रिसर्च और मीडिया हाउस अब विदर्भ पर अपना ध्यान लगा रहे हैं. इस दौरान कई लोगों नए 'भारतीय वैरिएंट' की जानकारी जुटाते हुए नागपुर क पहुंचे. संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नितिन शिंदे बताते हैं 'यह ब्रिटेन या अफ्रीका या ब्राजील के वैरिएंट की तुलना में अलग है, जिसके बारे में इस लहर की शुरुआत में चर्चा हुई थी.'
डॉक्टर शिंदे कहते हैं 'ब्रिटेन समेत कई देशों ने भारत पर ट्रेवल बैन लगा दिया है. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि वायरस का यह खास वैरिएंट B.1.617 तेजी से आम होता जा रहा है.' इसके अलावा वे अमरावती में हुई मामलों में बढ़त का कारण भी इसी वैरिएंट को मानते हैं. हालांकि, इस मामले में अभी और रिसर्च की जानी बाकी है. रिपोर्ट्स में ईग्लोल इनीशिएटिव ऑन शेयरिंग ऑल इंफ्लुएंजा डेटा के हवाले से कहा जा रहा है कि B.1.617 पहली बार दिसंबर 2020 में एकत्र हुए सैंपल्स में पाया गया था.
विदर्भ के यवतमाल जिले के उमरखेड़ के डॉक्टर अतुल गवांडे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की कोविड-19 कंट्रोल एडवाइजरी टीम के सदस्य हैं. उन्होंने भी वायरस के इस वैरिएंट को लेकर खासी चिंता जाहिर की है. उन्होंने पाया है कि यह वैरिएंट पूरे परिवार को अपना शिकार बना रहा है. खासतौर से ऐसा विदर्भ में है. वे कहते हैं कि इसका मतलब यह है कि यह वायरस विशेष रूप से ज्यादा संक्रामक है. हालांकि, यह घातक है या नहीं, इसके बारे में स्टडी की जानी बाकी है. वायरोलॉजी शोधकर्ता ग्रेस रॉबर्ट्स की शुरुाआती स्टडी बताती है कि यह वैरिएंट पिछले वाले रूप से 20 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक है.
शिवसेना का केंद्र पर हमला, कोरोना के संक्रमण में लॉकडाउन ही एक विकल्प
मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना का संकट तेजी से आगे बढ़ रहा है. कोरोना (Corona) के बढ़ते मामलों के बीच शिवसेना (Shiv Sena) ने अपने मुखपत्र सामना (Saamana) के जरिए केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है. शिवसेना ने कहा है कि देश में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी देश में लॉकडाउन लगाने को तैयार नहीं हैं. महाराष्ट्र जैसे राज्य में कोरोना की शृंखला तोड़ने के लिए सख्त लॉकडाउन का ही पर्याय बचा है. इसके बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने ‘लॉकडाउन टालें’ ऐसी सलाह दी है. राज्य में कोरोना का संक्रमण बढ़ा है. बीते चौबीस घंटों में ही 64 हजार मरीज सिर्फ महाराष्ट्र में मिले. मृत्यु का प्रमाण बढ़ा है इसलिए कम-से-कम 15 दिनों का पूर्ण लॉकडाउन लगाओ, ऐसी मांग राज्य के कई मंत्रियों ने की है.
राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस पर योग्य निर्णय लेंगे ही, परंतु ‘लॉकडाउन टालो’ ऐसी सलाह हमारे प्रधानमंत्री किस आधार पर दे रहे हैं? महाराष्ट्र में दसवीं की परीक्षा रद्द करनी पड़ी है. केंद्र सरकार ने भी बीते सप्ताह ‘सीबीएसई’ की परीक्षा रद्द कर दी है. गुजरात, मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक की स्थिति नियंत्रण के बाहर हो गई है. कोरोना का संक्रमण खत्म हो इसके लिए गुजरात सरकार दो सप्ताह का लॉकडाउन लगाए, ऐसी सिफारिश इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राज्य शाखा ने की है. महाराष्ट्र जैसे राज्य में कड़ी पाबंदियां लगाने के बावजूद कोरोना नियंत्रण में नहीं आ रहा है.
हम किसानों को यहां से जाने के लिए नहीं कहेंगे', जानें कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर क्या बोले राकेश टिकैत
देशभर में कोरोना के केस रोजाना नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं दिल्ली बॉर्डर पर किसान नेता डटे हुए हैं. ऐसे में जब किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम किसानों को यहां से जाने के लिए नहीं कहेंगे. हम 5 महीनें से यहां हैं, ये तो अब हमारा गांव है. यहां कैंप लगवाया जाए, हम वैक्सीन लगवाएंगे. हम यहां कम लोगों को रखेंगे और बैठक नहीं होगी, लोग आते जाते रहेंगे. आज हम 2 दिन के लिए हरियाणा जाएंगे. हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा की सीमा पर बैठे किसानों के कोरोना टेस्ट और वैक्सीन लगाने के लिए किसान नेताओं के साथ आज शाम 4 बजे अधिकारियों की बैठक होगी. किसान नेताओं के मानते ही स्वास्थ्य विभाग अपना काम शुरू कर देगा.
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपने घर पर हैं. हम उन्हें और कहां जाने के लिए कहेंगे? क्या यहां से कोरोना फैल रहा है? हम पिछले 5 महीनों से यहां रह रहे हैं, यह अब हमारा घर है. कई किसानों ने टीका लगवा लिया है, लेकिन दूसरी खुराक पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. हमने अधिकारियों को यहां शिविर लगाने के लिए कहा है. जब सोशल मीडिया पर उनके हालिया इफ्तार पार्टी के वायरल वीडियो के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लोग एक-दूसरे से थोड़ी दूरी पर बैठे थे. सरकार द्वारा 50 लोगों की अनुमति दी है लेकिन वहां सिर्फ 22-35 लोग थे. कोई एक दूसरे से नहीं मिल रहा था और ना ही किसी ने हाथ मिलाया.
कोरोना केस 3 लाख 14 हजार के पार देश में गुरुवार को कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 3.14 लाख से ज्यादा मामले आने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 1,59,30,965 हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 3,14,835 मामले आए जबकि 2104 और मरीजों की मौत हो जाने से अब तक इस महामारी की वजह से जान गंवो वालों की संख्या बढ़ कर 1,84,657 हो गई है. लगातार 43 वें दिन उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी बढ़ी और 22,91,428 हो गयी है जो कि संक्रमण के कुल मामलों का 14.38 प्रतिशत है। देश में कोविड-19 से ठीक होने की दर 84.46 प्रतिशत हो गयी है. संक्रमण से ठीक हुए लोगों की संख्या 1,34, 54,880 हो गयी है। मृत्यु दर 1.16 प्रतिशत हो गयी है. भारत में कोविड-19 के मामले पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख की संख्या पार कर गए थे. इसके बाद संक्रमण के मामले 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के पार चले गए थे. वैश्विक महामारी के मामले 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ से अधिक हो गए थे. इसके बाद 19 अप्रैल को संक्रमितों की संख्या 1.50 करोड़ से ज्यादा हो गयी. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक, 21 अप्रैल तक 27,27,05,103 नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 16,51,711 नमूनों की जांच बुधवार को की गई.
दिल्ली में श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों में खाली जगह है या नहीं! बताएगा रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम
नई दिल्ली. दिल्ली में कोविड-19 (Coronavirus In Delhi) के कारण होने वाली मौत के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर दिल्ली में निगम अधिकारियों ने श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों की वास्तविक समय में निगरानी के लिये तंत्र बनाने और एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाने पर काम शुरू किया है. श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों में महामारी के कारण जान गंवाने वालों के अंतिम संस्कार के लिये भीड़ लगातार बढ़ रही है.
दिल्ली में आईटीओ के पास सबसे बड़ी मुस्लिम कब्रगाह कब्रिस्तान अहले इस्लाम में अपनों को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिये पहुंचने वाले लोगों को पर्चियां जारी कर रहे मशकूर राशिद ने कहा कि स्थिति 'बेहद खराब' है.
कब्रिस्तान प्रबंधन समिति के सदस्य राशिद कहते हैं, 'हम औसतन रोजाना कोरोना के कारण जान गंवाने वाले 18 से 20 लोगों को बीते कुछ दिनों से यहां सुपुर्द ए खाक कर रहे हैं.' दिल्ली सरकार के मुताबिक मंगलवार को कोविड-99 से देश में 277 लोगों की मौत हुई जो पिछले साल मार्च में इस महामारी के फैलने के बाद से सबसे ज्यादा है.
केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाने के लिये कहा गया उत्तरी दिल्ली के महापौर जयप्रकाश ने कहा कि अधिकारियों को वास्तविक समय में निगरानी व्यवस्था कायम करने और एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाने के लिये कहा गया है. उन्होंने कहा, 'उत्तरी दिल्ली नगर निगम के दायरे में आने वाले सभी श्मशान घाटों और कब्रिस्तान को एकीकृत प्रणाली से जोड़ा जाएगा. लोगों को यह पता चल सकेगा कि अंतिम संस्कार के लिये किन स्थानों पर जगह उपलब्ध है.'
Noida News: परिजनों ने दर-दर भटक किया ऑक्सीजन का इंतजाम, फिर भी कुछ घंटे में 2 सगे भाइयों ने तोड़ दिया दम
Noida News: परिजनों ने दर-दर भटक किया ऑक्सीजन का इंतजाम, फिर भी कुछ घंटे में 2 सगे भाइयों ने तोड़ दिया दम
ग्रेटर नोएडा. देश की राजधानी दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा और गाजियाबाद शहर न सिर्फ कोरोना वायरस (Coronavirus) की बढ़ती रफ्तार से जूझ रहे हैं बल्कि अस्पतालों में ऑक्सीजन (Oxygen Crisis In Hospitals) की कमी से हर किसी की टेंशन बढ़ रही हैं. हालांकि स्थानीय प्रशासन हालात पर नियंत्रण में होने का दावा कर रहा है, लेकिन नोएडा के बरौला में कोविड वॉर्ड में भर्ती दो सगे भाइयों के दम तोड़ने के बाद एक बार फिर प्रशासन के दावों की पोल खुल गयी है.
बता दें कि प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले सुनील गहलोत (43) और पेशे से वकील नटवर गहलोत (41) ने 17 अप्रैल को सांस लेने में दिक्कत की शिकायत की थी और उनका ऑक्सिजन लेवल भी 90 से नीचे चला गया. इसके बाद वह कई अस्पताल गए, लेकिन बिना कोविड टेस्ट रिपोर्ट के सभी ने भर्ती करने से मना कर दिया. हालांकि किसी तरह से ग्रेटर नोएडा के नवीन अस्पताल में दोनों भाइयों को भर्ती कराया गया.
10 किलो के ऑक्सीजन सिलेंडर के बाद भी... सुनील और नटवर के परिजनों ने बताया कि दोनों भाइयों की तबीयत बिगड़ गयी थी और अस्पताल मैनेजमेंट ने उनके लिए ऑक्सीजन का इंतजाम करने को कहा. हमने इधर उधर दौड़ कर 10 किलो के ऑक्सीजन के सिलेंडर का इंतजाम किया और रविवार की शाम अस्पताल को सौंप दिया. हालांकि इसके बाद सोमवार की रात दोनों की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गयी. बड़े भाई ने रात, तो छोटे भाई ने सुबह दम तोड़ दिया. परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते इलाज मिल जाता तो ऐसा नहीं होता. ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे अस्पताल
यूपी के गाजियाबाद और नोएडा में कम से कम 12 अस्पतालों ने बुधवार को ऑक्सीजन की कमी रिपोर्ट की. जबकि नोएडा सेक्टर 39 के सरकारी अस्पताल की हालत खराब है. जबकि इस बीच गाजियाबाद के इंदिरापुरम के एक नामी अस्पताल के पास ऑक्सीजन का स्टॉक कुछ घंटे के लिए बचा होने की खबर ने वहां भर्ती कोरोना मरीजों के परिजनों की टेंशन बढ़ा दी थी. हालांकि किसी तरह वहां ऑक्सीजन का इंतजाम किया गया. यही नहीं, इस बीच अधिकांश अस्पताल मरीजों के परिजनों पर ऑक्सीजन का प्रबंध करने के दवाब भी बना रहे हैं.
Delhi News: ऑक्सीजन हवाई मार्ग से दिल्ली लाने की कोशिश, CM केजरीवाल बोले- केंद्र और अदालत ने की मदद
Delhi News: ऑक्सीजन हवाई मार्ग से दिल्ली लाने की कोशिश, CM केजरीवाल बोले- केंद्र और अदालत ने की मदद
नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से भयावह होते हालात के बीच दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने चौंकाने वाला दावा किया है. उन्होंने गुरुवार को कहा कि ऑक्सीजन लेकर दिल्ली आ रहे ट्रकों को कुछ राज्यों में रोका जा रहा है. सीएम ने बताया कि ओडिशा से दिल्ली के कोटे की ऑक्सीजन आनी है, जिसे हवाई मार्ग से लाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र और अदालत ने काफी मदद की है. केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार 6 दिन के लॉकडाउन में हाथ पर हाथ नहीं रखेगी, बल्कि इस वक्त का इस्तेमाल स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को दुरुस्त करने में किया जाएगा.
बता दें कि दिल्ली में लॉकडाउन (Lockdown) के तीसरे दिन भी कोरोना (Coronvirus) के आंकड़े डराने वाले हैं. बुधवार को 24 घंटे के जो आंकड़े आए हैं, उसके बाद दिल्ली सरकार (Delhi Government) की नींद और उड़ सकती है. दिल्ली में बीते 24 घंटे में कोरोना के 24638 नए मामले सामने आए हैं और 249 लोगों की मौत हुई है. अब दिल्ली में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 9,30, 179 हो गई है. इनमें से 83, 19, 28 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. वहीं, कोरोना से अब तक 12, 887 लोगों की मौत हो चुकी है. अगर पॉजिटिविटी रेट की बात करें तो यह आंकड़ा लगातार 31.28-प्रतिशत तक बना हुआ है. दिल्ली में इस समय कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या 85, 364 है. दिल्ली में सोमवार रात 10 बजे से लॉकडाउन लागू है.
दिल्ली में कोरोना के आ रहे आंकड़े लगातार डराने वाले हैं दिल्ली में मंगलवार को भी कोरोना के आंकड़े हैरान करने वाले थे. बीते मंगलवार को दिल्ली में एक दिन में सबसे ज्यादा केस के साथ सबसे ज्यादा मौत और अब तक की सबसे बड़ी संक्रमण दर भी सामने आई थी. मंगलवार को कोरोना के 28, 395 नए मामले सामने आए थे और 277 लोगों की मौत हुई थी. बुधवार को पॉजिटिविटी रेट 32.82 प्रतिशत तक पंहुच गई थी. ऑक्सीजन की कमी भी लगातार अस्पतालों में बनी हुई है.
Amazon ऐप के पांच आसान सवाल आपको जिता सकते हैं 5,000 रुपये! जानें घर बैठे कैसे मिलेगा फायदा
Amazon App Quiz April 21, 2021: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेज़न (Amazon) पर डेली ऐप क्विज़ (Daily App Quiz) का नया एडिशन शुरू हो गया है. ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म Amazon आज अपने Quiz में अमेजन पे बैलेंस (Amazon Pay Balance) पर 5,000 रुपये जीतने का मौका दे रहा है. ये क्विज़ अमेज़न के मोबाइल ऐप पर मौजूद है. जानकारी के लिए बता दें कि ये डेली क्विज़ हर दिन सुबह 8 बजे शुरू होती है और रात 12 बजे तक चलती रहती है.
GK पर आधारित होती है क्विज़: क्विज़ में सामान्य ज्ञान (GK) और करंट अफेयर्स के पांच सवाल होते हैं. इस तरह के ढेर सारे इनाम जीतने के लिए आपको क्विज में पूछे गए सभी सवालों के सही जवाब देना होते हैं. क्विज के दौरान पूछे गए हर सवाल में चार ऑप्शन दिए जाते हैं. आज के क्विज के विजेता का नाम 22 अप्रैल को घोषित किया जाएगा. उसे लकी ड्रा (lucky draw) के ज़रिए चुना जाएगा.
पहली बार एक दिन में रिकॉर्ड 3 लाख 14 हजार 552 लोग संक्रमित पाए गए. अब तक किसी एक देश में एक दिन के अंदर मिले मरीजों का यह आंकड़ा सबसे अधिक है. इसके पहले अमेरिका में सबसे ज्यादा 8 जनवरी को 3 लाख 7 हजार लोग पॉजिटिव पाए गए थे. कोरोना से जुड़ी खबरों और हर अपडेट्स के लिए इस लाइव ब्लॉग को रिफ्रेश करते रहिए...
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 14 लाख के पार, 9 लाख से ज्यादा मरीज ठीक
देश में कोरोना के 4 लाख 77 हजार 228 एक्टिव केस हैं जबकि 9,01,959 मरीज ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं.
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 14 लाख को पार कर गई है. रविवार के नए आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस से देश में अब तक 14,11,954 लोग संक्रमित हो चुके हैं. देश में covid19india.org के आंकड़ों के अनुसार कोरोना के 4 लाख 77 हजार 228 एक्टिव केस हैं जबकि 9,01,959 मरीज ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं. वहीं कोरोना की चपेट में आकर अब तक देश में 32 हजार 350 लोग जान गंवा चुके हैं.
देश में महाराष्ट्र कोरोना से सबसे अधिक जूझ रहा है. महाराष्ट्र में रविवार को 6044 कोरोना मरीज इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए. राज्य में अब तक 2,13,238 कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैं. राज्य में कोरोना मरीजों के ठीक होने की दर 56.74% है.
महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में 9431 नए केस मिले जबकि इस दौरान 267 मरीजों की मौत हो गई. राज्य में कोरोना से मृत्युदर 3.63% है. राज्य में अब तक 18,86,296 लोगों की कोरोना जांच की गई है जिनमें 3,75,799 पॉजिटिव पाए गए.
'गेंदा फूल' के पहाड़ी वर्जन में हुई प्रियंका की एंट्री, बादशाह के साथ मिलाए सुर
प्रियंका सिंगिंग कंपटीशन दिल है हिंदुस्तानी में हिस्सा ले चुकी हैं. इसमें उन्होंने उत्तराखंड के एक ग्रुप के साथ परफॉर्म किया था. यही वो मंच था जहां पहली बार बादशाह के साथ उनकी मुलाकात हुई थी. अब सालों बाद उन्हें बादशाह के साथ काम करने का मौका भी मिल गया है.
पिछले दिनों रिलीज रैपर बादशाह का म्यूजिक
वीडियो 'गेंदा फूल' लोगों को काफी पसंद आया था. अब यह गाना एक बार फिर नए
कलेवर में दर्शकों को दोबारा एंटरटेन करने आ रही है. इस बार इसे उत्तराखंड
के दो सिंगिंग स्टार्स ने देसी टच दिया है. जी हां, इस बार बादशाह के गेंदा
फूल में गढ़वाली भाषा के शानदार लिरिक्स और दो नए चेहरे के साथ उनकी
खूबसूरत आवाज भी सुनने को मिलेगी. गेंदा फूल के पहाड़ी वर्जन में उत्तराखंड
के दो सिंगर्स प्रियंका मेहर और रोंगपाज यानी मयंक रावत नजर आएंगे. आजतक
से बातचीत में प्रियंका मेहर ने अपने इस बॉलीवुड मैशअप के बारे में चर्चा
की और अनुभव साझा किए.
आजतक से बातचीत में प्रियंका मेहर ने गाने के
बारे में बात करते हुए बताया कि इस गाने को गढ़वाली भाषा में बनाया गया है.
गाने के बोल वही हैं बस भाषा बदली है. इसका म्यूजिक ओरिजिनल है और इसमें
बादशाह का ही रैप सुनने को मिलेगा. इस बार गाने में जैकलीन फर्नांडिस नहीं
बल्कि प्रियंका और रोंगपाज नजर आएंगे. वहीं गाने की शूटिंग को लेकर
प्रियंका ने बताया कि इसकी शूटिंग देहरादून में दो हफ्ते पहले की गई है.
बातचीत
में प्रियंका ने बादशाह संग काम करने के अनुभव पर भी चर्चा की. उन्होंने
बताया कि बादशाह एक शानदार व्यक्तित्व हैं. जमीन से जुड़े इंसान और
पहाड़ी गानों के प्रति भी उनका काफी लगाव है. वैसे बादशाह ने खुद भी एक
रेडियो इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें नेपाली और पहाड़ी गाने पसंद हैं.
इंडियन आईडल के टॉप-15 में जगह बना चुके हैं भाई
बात
करें प्रियंका की तो वे बचपन से ही गाने का शौक रखती थीं, लेकिन कभी इसपर
ज्यादा जोर नहीं दिया. उनके परिवार में प्रियंका के मम्मी-पापा से लेकर
भाई-बहन तक सभी गाना गाते हैं. भाई दीपक मेहेर इंडियन आईडल के टॉप-15 में
जगह बना चुके हैं. भाई से ही प्रेरित होकर प्रियंका ने अपने गाने के शौक
को आगे बढ़ाया. शुरुआत में उन्होंने यूं ही फेसबुक में अपना एक सॉन्ग
वीडियो डाला था. लेकिन उनके इस गाने को लोगों ने भरपूर प्यार दिया और
प्रियंका रातों-रात स्टार बन गईं. बस फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा
और इसपर प्रोफेशनली काम करने लगीं.
इस सिंगिंग कंपटीशन में ले चुकी हैं हिस्सा
प्रियंका
सिंगिंग कंपटीशन 'दिल है हिंदुस्तानी' में हिस्सा ले चुकी हैं. इसमें
उन्होंने उत्तराखंड के एक ग्रुप के साथ परफॉर्म किया था. यही वो मंच था
जहां पहली बार बादशाह के साथ उनकी मुलाकात हुई थी. अब सालों बाद उन्हें
बादशाह के साथ काम करने का मौका भी मिल गया है.
मूल
रूप से टिहरी जिले की प्रियंका ने दिल्ली में भी काफी समय बिताया है. इसके
बाद वे सपरिवार देहरादून चली गईं. दिल्ली और देहरादून की मिली-जुली
संस्कृति प्रियंका के गाने में भी झलकती है. पहले पहल हिंदी गानों को मैशअप
करके उन्होंने वीडियोज बनाए. जब उनके इन वीडियोज को सपोर्ट मिलने लगा तो
प्रियंका ने अपने ओरिजिनल गाने बनाने शुरू किए. आज उत्तराखंड में वे बेहद
पॉपुलर हस्ती बन चुकी हैं. इसी मेहनत का नतीजा है कि प्रियंका को बॉलीवुड
रैपर बादशाह के साथ काम करने का मौका मिला.
प्रियंका
ने इंटरव्यू में कहा कि भविष्य में अगर उन्हें बॉलीवुड से ऑफर आता है तो
वे जरूर जाएंगे. लेकिन वे उत्तराखंड की भाषा वाले गानों पर भी काम
करेंगी. उनका मानना है कि उत्तराखंड की संस्कृति और प्रतिभा को बहुतर लोग
नहीं जानते हैं, जिसे लोगों तक पहुंचाना जरूरी है. क्योंकि ये भी हमारे देश
की एक भाषा है जिसे सहेजकर रखना होगा. बता दें गेंदा फूल का ओरिजिनल
बंगाली भाषा में था जिसे बाद में बादशाह ने रैप किया था. इसका पहाड़ी वर्जन
13 जुलाई को सोनी म्यूजिक द्वारा रिलीज किया जाएगा.
देश में कोरोना केस 10 लाख पार, इन 9 राज्यों के आंकड़े गंभीर होते खतरे का दे रहे संकेत
भारत में कोरोना वायरस के मामलों की रफ्तार अब तेजी से बढ़ रही है. कुल मामलों की संख्या दस लाख के पार हो गई है, जबकि 25 हजार लोगों की मौत हुई है.
भारत
में कोरोना वायरस के कुल मामले दस लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं. दुनिया
में ये आंकड़ा पार करने वाला भारत सिर्फ तीसरा देश है. देश में कोरोना
वायरस के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं और हर रोज 35 हजार के करीब मामले
दर्ज किए जा रहे हैं. जैसे-जैसे टेस्टिंग बढ़ रही है, वैसे-वैसे ही हर रोज
नए रिकॉर्ड बनते और टूटते हुए दिख रहे हैं.
महाराष्ट्र,
कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश समेत ऐसे कई राज्य हैं जहां पर हर रोज
हजारों की संख्या में केस आ रहे हैं, जो देश में आने वाले वक्त में कोरोना
वायरस की लड़ाई को और भी मुश्किल कर सकते हैं.
इन राज्यों में हालात हुए बेकाबू...
देश
में महाराष्ट्र ऐसा राज्य है, जहां कुल आंकड़ों के करीब 30 फीसदी मामले
सामने आ रहे हैं. महाराष्ट्र में हर दिन नया रिकॉर्ड बन रहा है और अब तो
8000 केस प्रति दिन के हिसाब से आ रहे हैं. दूसरी ओर तमिलनाडु और कर्नाटक
में भी हर रोज चार हजार नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं. जिन राज्यों में हर
रोज सबसे अधिक मामले आ रहे हैं, उनपर एक नज़र डालिए...
राज्य
24 घंटे में केस
कुल केस
महाराष्ट्र
8641
2.84 लाख
तमिलनाडु
4549
1.56 लाख
दिल्ली
1652
1.18 लाख
कर्नाटक
4169
51 हजार
उत्तर प्रदेश
2058
43 हजार
आंध्र प्रदेश
2593
38 हजार
बिहार
1385
21 हजार
पश्चिम बंगाल
1690
36 हजार
तेलंगाना
1676
41 हजार
गौरतलब
है कि देश में करीब दस राज्य ऐसे हैं, जहां कुल केसों का अधिकतर हिस्सा
है. ऐसे में इन राज्यों को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है. हालांकि, अगर
टेस्टिंग के आंकड़ों को देखें तो अब हर तीन दिन में दस लाख टेस्ट किए जा
रहे हैं और एक लाख केस सामने आ रहे हैं. यानी देश में अभी भी पॉजिटिविटी
रेट दस फीसदी के आस-पास बना हुआ है.
कोरोना
वायरस के बढ़ते मामलों के कारण ही उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, कर्नाटक,
तमिलनाडु जैसे कई राज्यों ने एक बार फिर लॉकडाउन लगाया है. कुछ जगह कुछ
दिनों के लिए लॉकडाउन लगाया गया है, तो वहीं कुछ जगह वीकेंड के हिसाब से
लॉकडाउन है.
अगर देश में कोरोना वायरस की रफ्तार को
देखें, तो शुरुआती एक लाख मामले में करीब 110 दिन लगे थे. लेकिन उसके बाद
ये रफ्तार तेजी से बढ़ी. अब पिछले दो लाख मामले सिर्फ 6 दिनों में आए हैं,
यानी हर तीन दिन में एक लाख नया केस. रोज आने वाले केस के मामले में भारत
अब सिर्फ अमेरिका से ही पीछे है.
राजस्थान: कांग्रेस की शिकायत पर SOG ने दर्ज की दो FIR, ऑडियो की जांच शुरू
राजस्थान एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने कहा कि महेश जोशी ने दो शिकायतें दर्ज कराई हैं. यह शिकायत वायरल ऑडियो को लेकर दर्ज कराई गई है. हमन सेक्टर 124ए और 120बी में दो मामले दर्ज कर लिए हैं.
राजस्थान की राजनीति में ऑडियो क्लिप से
बवाल मच गया है. कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर विधायकों की
खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया है, वहीं बीजेपी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज
कर दिया है. इन सबके बीच कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी की दो शिकायत
पर एसओजी ने मामला दर्ज कर लिया है.
राजस्थान एसओजी के एडीजी अशोक
राठौड़ ने कहा कि महेश जोशी ने दो शिकायतें दर्ज कराई हैं. यह शिकायत वायरल
ऑडियो को लेकर दर्ज कराई गई है. हमन सेक्टर 124ए और 120बी में दो मामले
दर्ज कर लिए हैं. ऑडियो क्लिप के सत्यता की जांच की जा रही है.
क्या है कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस
नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कल शाम दो सनसनीखेज व चौंकानेवाले ऑडियो
टेप मीडिया के माध्यम से सामने आए. इन ऑडियो टेप से तथाकथित तौर से
केंद्रीय मंत्रीगजेंद्र सिंह शेखावत, कांग्रेस विधायक भंवर लाल शर्मा व
भाजपा नेता संजय जैन की बातचीत सामने आई है. इस तथाकथित बातचीत से पैसों की
सौदेबाजी की जा रही है.
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने मांग की
कि राजस्थान सरकार गिराने की साजिश में शामिल केंद्रीय मंत्री गजेंद्र
शेखावत के खिलाफ एसओजी द्वारा एफआईआर दर्ज की जाए, पूरी जांच हो और अगर पद
का दुरुपयोग कर जांच प्रभावित करने का अंदेशा हो तो वॉरंट लेकर गजेंद्र
शेखावत की फौरन गिरफ्तारी की जाए.
गजेंद्र सिंह शेखावत ने दी सफाई
कांग्रेस
के आरोप पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सफाई दी है. उन्होंने
कहा कि ऑडियो क्लिप में मेरी आवाज नहीं है. मैं किसी भी जांच के लिए तैयार
हूं. गजेंद्र सिंह शेखावत का कहना है कि ऑडियो फेक है. मैं मारवाड़ की भाषा
बोलता हूं जबकि ऑडियो टेप में झुंझुनू टच है. जिस गजेंद्र का जिक्र किया
गया है, उसका कोई पद का जिक्र नहीं है.
केंद्रीय
मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ऑडियो में कोई जगह तक का जिक्र नहीं
है. ऑडियो जोड़-तोड़ कर भी तैयार किया जा सकता है. मैं कई संजय जैन को
जानता हूं, इसलिए मुझे बताया जाए कि कौन सा संजय जैन है और उन्होंने मेरे
किस मोबाइल नंबर पर बात कराई है.
ईरान ने भारत को दिया एक और बड़ा झटका, अहम प्रोजेक्ट से ONGC बाहर
चाबहार-जाहिदान रेलवे प्रोजेक्ट से भारत के बाहर होने की खबरों के आने के बाद अब ईरान एक और बड़ी परियोजना पर अकेले आगे बढ़ सकता है. यह परियोजना गैस फील्ड फारजाद-बी ब्लॉक के विकास को लेकर है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि ईरान ने भारत को सूचित किया है कि वह फिलहाल गैस फील्ड को अकेले ही विकसित करने जा रहा है. ईरान ने कहा है कि भारत इस परियोजना में बाद में शामिल हो सकता है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "फरजाद-बी गैस
फील्ड समझौते को लेकर भी कई खबरें चल रही हैं. इसमें एक्सप्लोरेशन स्टेज
में भारत की ओएनजीसी (ऑयल एंड नैचुरेल गैस कॉर्पोरेशन) कंपनी भी शामिल थी.
हालांकि, ईरान की तरफ से नीतिगत बदलाव के चलते द्विपक्षीय सहयोग पर असर
पड़ा है. जनवरी 2020 में हमें बताया गया था कि भविष्य में ईरान अपने आप इस
गैसफील्ड का विकास करेगा और वह बाद के चरण में भारत की मौजूदगी चाहता है.
इस मामले पर चर्चा जारी है."