न्यूज डेस्क, 30 मार्च 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जे की संभावना जताई है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का पसंदीदा विकल्प "ईरान का तेल लेना" है और खार्ग द्वीप को "बहुत आसानी से" लिया जा सकता है। वहीं ईरान ने अमेरिका को जमीनी आक्रमण से सख्त चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरानी जमीन पर उतरे तो उन्हें "आग में झोंक" दिया जाएगा।
ट्रंप का विवादास्पद बयान
ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा, "मेरा पसंदीदा विकल्प ईरान का तेल लेना है।" उन्होंने खार्ग द्वीप (Kharg Island) का जिक्र करते हुए बताया कि इसे कब्जे में लेना आसान है क्योंकि वहां ईरान की कोई खास रक्षा नहीं है। ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध में ईरान के कई प्रमुख नेता मारे जा चुके हैं, जिसे उन्होंने "रेजीम चेंज" करार दिया।
ट्रंप ने आगे कहा कि बातचीत "बहुत अच्छी" चल रही है और डील जल्द हो सकती है, लेकिन ईरान को अमेरिका की शर्तें माननी होंगी। उन्होंने ईरान की ऊर्जा साइट्स पर हमले 6 अप्रैल तक टाल दिए हैं।
ईरान की सख्त प्रतिक्रिया
ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर घालिबाफ और रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी कि अमेरिकी सैनिकों के जमीनी हमले पर उन्हें "आग में झोंक" दिया जाएगा। ईरान ने अमेरिकी और इजराइली अधिकारियों के निजी आवासों को भी वैध टारगेट बताते हुए हमले की धमकी दी है।
ईरान ने युद्ध रोकने के लिए 5 शर्तें रखी हैं, जिसमें सभी हमले बंद करना, युद्ध क्षति का मुआवजा और हार्मुज जलडमरूमध्य पर अपना अधिकार शामिल है। ईरान ने अमेरिका के 15-पॉइंट प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
सैन्य स्थिति
अमेरिका ने मध्य पूर्व में अतिरिक्त 3,500 मरीन भेजे हैं, अब कुल 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
अमेरिका-इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स, मिसाइल बेस और विश्वविद्यालयों समेत हजारों टारगेट्स पर हमले किए हैं।
ईरान की मिसाइल और वायु रक्षा क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है।
कूटनीतिक प्रयास
क्षेत्रीय देश पाकिस्तान में बैठक कर युद्ध समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15-पॉइंट प्रस्ताव दिया था, जिसमें न्यूक्लियर प्रोग्राम बंद करना और हार्मुज में नेविगेशन फ्री रखना शामिल है।
निष्कर्ष: जंग एक महीने पूरा होने को है। ट्रंप "डील" की बात कर रहे हैं, लेकिन दोनों तरफ सैन्य दबाव और चेतावनियां जारी हैं। स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
आपके न्यूज पोर्टल के लिए शॉर्ट वर्जन:ट्रंप: ईरान का तेल लेना चाहते हैं, खार्ग द्वीप पर कब्जा आसान
ईरान ने जमीनी हमले की धमकी दी, पाकिस्तान में शांति बैठक। 50 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात।
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ईरान वॉर का पर्यावरणी तबाही: 14 दिनों में साल भर का प्रदूषण! अगर युद्ध 1 साल चला तो क्या होगा?
ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध के महज 14 दिनों (28 फरवरी से 14 मार्च 2026) में इतना कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित हो चुका है, जितना किसी मध्यम आकार के देश जैसे कुवैत पूरे साल में निकालता है।
लखनऊ/नई दिल्ली, 28 मार्च 2026: ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध के महज 14 दिनों (28 फरवरी से 14 मार्च 2026) में इतना कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जित हो चुका है, जितना किसी मध्यम आकार के देश जैसे कुवैत पूरे साल में निकालता है। Climate and Community Institute की नई रिसर्च के मुताबिक, इस दौरान 50.55 लाख टन CO₂e (कार्बन डाइऑक्साइड समकक्ष) निकला – जो आइसलैंड के पूरे साल के उत्सर्जन से भी ज्यादा है।
अगर युद्ध इसी रफ्तार से 1 साल तक चला तो कुल उत्सर्जन 13 करोड़ 14 लाख टन CO₂e के आसपास पहुंच जाएगा! यह आंकड़ा 84 सबसे कम प्रदूषण फैलाने वाले देशों के पूरे साल के संयुक्त उत्सर्जन के बराबर है।
कहां से निकला इतना प्रदूषण?
रिसर्च बताती है कि सबसे बड़ा हिस्सा घरों, स्कूलों और इमारतों के ध्वस्त होने से आया – करीब 24 लाख टन CO₂e। इसके बाद तेल भंडारण, रिफाइनरी और टैंकरों पर हमले से 19 लाख टन। जेट, जहाज, मिसाइल और ड्रोन के ईंधन से 5 लाख टन।
तेहरान और आसपास के इलाकों में तेल के आग के धुएं ने "ब्लैक रेन" (काला बारिश) की स्थिति पैदा कर दी। लोग मास्क लगाकर सड़कों पर घूम रहे हैं, हवा में जहरीली गैसें भरी हैं।
नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर देश में तांडव मचा रही है। इस बीच सरकारें कोरोना से लोगों को बचाने के लिए लगातार जरूरी कदम उठा रही है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मंत्रिपरिषद के सदस्यों से कोरोना प्रबंधन एवं भावी चुनौतियों पर चर्चा की।
पीएम ने सभी से हर स्तर पर नजर बनाए रखने को कहा। कोरोना को 'सदी में एक बार आने वाली त्रासदी' बताते हुए प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र, राज्य और जनता के एकजुट प्रयास से देश यह जंग जीतेगा।
बैठक में दो प्रजेंटेशन दिए गए। इनमें कोरोना संकटके दौरान पिछले 14 महीनों में उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई। यह बताया गया कि केंद्र और राज्य मिलकर पूरी स्थिति से निपट रहे हैं। केंद्र हर स्तर पर राज्यों के साथ खड़ा है। गरीबों के लिए दो महीने तक फिर से मुफ्त राशन की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें परेशानी न हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बैठक में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर था कि मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों और राज्यों में लोगों के संपर्क में रहें। यह देखें कि केंद्र की ओर से दी गई मदद जरूरतमंद लोगों पहुंच रही है या नहीं। यह वक्त एक टीम की तरह काम करने का है ताकि देश फिर से जंग जीत सके। इस दौरान पीएम मोदी ने मंत्रियों को इसकी भी याद दिलाई कि कोरोना प्रोटोकाल का पालन करें और दूसरों से भी करवाएं।
कोरोना से जंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने PM मोदी को भेजा संदेश, मदद का दिया प्रस्ताव
चीन ने भारत को कोरोना के विरुद्ध युद्ध में मदद करने का प्रस्ताव दिया है।
नई दिल्ली: कोरोना के कहर के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में मदद का प्रस्ताव दिया है। इस संबंध में भारत में चीन के राजदूत सुन वेईदोंग ने ट्वीट कर जानकारी दी है।
इससे पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को कहा था कि कोविड-19 के खिलाफ जंग में उनका देश भारत की हरसंभव मदद करेगा और कहा कि चीन में बनी महामारी रोधी सामग्री ज्यादा तेज गति से भारत पहुंचाई जा रही हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे पत्र में वांग ने कहा, ‘‘भारत जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनके प्रति संवेदना रखता है और गहरी सहानुभूति प्रकट करता है।’’
भारत में चीन के राजदूत सुन वेइदोंग ने इस पत्र को ट्विटर पर साझा किया जिसमें लिखा है, ‘‘ कोरोना वायरस मानवता का साझा दुश्मन है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट और समन्वयित होकर इसका मुकाबला करने की जरूरत है। चीनी पक्ष भारत सरकार और वहां के लोगों का, महामारी से लड़ाई में समर्थन करता है।’’
कोरोना से जंग जीतने के साथ ही एक्शन में सीएम योगी, डीआरडीओ अस्पताल का किया निरीक्षण
सीएम योगी कोरोना संक्रमित होने के बावजूद लगातार राज्य में कोरोना के हालात पर नजर बनाए हुए थे।
लखनऊ: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना को हरा दिया है। अब वह पूरी तरह स्वस्थ्य हैं। कोरोना से ठीक होने की जानकारी सीएम योगी ने ट्वीट करके दी।
बता दें कि योगी आदित्यनाथ 14 अप्रैल को कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे और इसके बाद से वह सेल्फ आइसोलेशन में थे। इस दौरान वह सभी काम वर्चुअली कर रहे थे। योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा, 'आप सभी की शुभेच्छा और चिकित्सकों की देखरेख से अब मैं कोरोना निगेटिव हो गया हूं। आप सभी के द्वारा मुझे दिए गए सहयोग और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद।'
सीएम ने किया अस्पताल का निरीक्षीण
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक के बाद अब मैदान में उतर गए हैं। इसी क्रम में वह शुक्रवार को दोपहर में अवध शिल्प ग्राम में बने 400 बेड के कोविड अस्पताल के आइसीयू का निरीक्षण करने पहुंंचे।
लखनऊ के अवध शिल्प ग्राम प्रांगण में बने डीआरडीओ अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ को आर्मी के अफसरों और डीएम अभिषेक प्रकाश ने DRDO के अस्पताल की पूरी जानकारी दी। सीएम ने अस्पताल के साथ आइसीयू और प्रशासनिक भवन का भी निरीक्षण किया। डीआरडीओ के सूत्रों के अनुसार अस्पताल पूरी तरह से मरीजों के उपचार के लिए तैयार है। सभी तरह के ट्रायल पूरे कर लिए गए हैं। अब बस प्रशासन की तरफ से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का इंतजार है। ऑक्सीजन उपलब्ध होते ही अस्पताल अपनी पूरी क्षमता से काम करने लगेगा।
बताते चलें कि कोरोना की दूसरी लहर इस समय पीक पर है और प्रतिदिन लगभग 4 लाख केस देशभर से सामने आ रहे हैं। यूपी भी इससे अछूता नहीं है। सैकड़ों लोग प्रतिदिन यूपी में ही कोरोना से मर रहे हैं। इन सबके बीच सूबे की योगी सरकार लगातार कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही है और हर वह कदम उठा रही है जिससे कोरोना की कमर तोड़ी जा सके।
भारत में कोरोना के दूसरे लहर कहर जारी है। भारत मे कोरोना केसों में दुनियाँ का 40 फीसदी केस हर दिन दर्ज होता है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 3,86,452 नए कोरोना केस आए 3498 संक्रमितों की जान चली गई है। हालांकि 24 घंटे में 2,97,540 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 3,86,452 नए कोरोना केस आए
3498 संक्रमितों की जान चली गई है। हालांकि 24 घंटे में 2,97,540 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं।
इससे पहले बुधवार को देश में 379,257 नए केस आए थे
जानिए देश में कोरोना के ताजा हालात
कुल कोरोना केस- एक करोड़ 87 लाख 62 हजार 976
कुल डिस्चार्ज- एक करोड़ 53 लाख 84 हजार 418
कुल एक्टिव केस- 31 लाख 70 हजार 228
कुल मौत- 2 लाख 8 हजार 330
कुल टीकाकरण- 15 करोड़ 22 लाख 45 हजार 179 डोज दी गई
दिल्ली में 1 दिन में सबसे अधिक मौतों का रिकॉर्ड
दिल्ली में कोरोना से होने वाली मौतों में लगातार इजाफा हो रहा है।
गुरुवार को दिल्ली में कोरोना से 395 व्यक्तियों की मौत हुई है।
कोरोना के कारण होने वाली मौतों का यह एक नया रिकॉर्ड है।
.दिल्ली में इससे पहले 1 दिन में इतनी बड़ी संख्या में कोरोना रोगियों की मौत नहीं हुई है।
जहां दिल्ली में कोरोना से 395 कोरोना मरीजों की मौत हुई वहीं, 24235 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं।
24 घंटे के दौरान 73,851 कोरोना टेस्ट किए गए थे इनमें से 32.82 फीसदी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इन्हीं 24 घंटों के दौरान दिल्ली में 25,615 कोरोना रोगी स्वस्थ भी हुए हैं।
अब तक 15 करोड़ से जड्यादा कोरोना टीके लगाए गए
देश में 16 जनवरी से कोरोना का टीका लगाए जाने के अभियान की शुरुआत हुई थी।
29 अप्रैल तक देशभर में 15 करोड़ 22 लाख 45 हजार 179 कोरोना डोज दिए जा चुके हैं।
.बीते दिन 22 लाख 24 हजार 548 टीके लगे। वैक्सीन की दूसरी खुराक देने का अभियान 13 फरवरी से शुरू हुआ था।
1 अप्रैल से 45 साल से ऊपर से सभी लोगों को टीका लगाया जा रहा है। अब 1 मई से 18 से ऊपर के लोगों को भी टीका लगाया जाएगा।
देश में कोरोना से मृत्यु दर 1.11 फीसदी है जबकि रिकवरी रेट करीब 82 फीसदी है। एक्टिव केस बढ़कर 17 फीसदी हो गए। कोरोना एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत का दूसरा स्थान है। कुल संक्रमितों की संख्या के मामले में भी भारत का दूसरा स्थान है। जबकि दुनिया में अमेरिका, ब्राजील, मैक्सिको के बाद सबसे ज्यादा मौत भारत में हुई है।
कई राज्यों में बदल गए लॉकडाउन के नियम, महाराष्ट्र में 15 मई तक मिनी लॉकडाउन
बिहार में तो शाम ४ बजे ही दुकानों को बंद करने का आदेश है।
नई दिल्ली: देश में तेजी बढ़ रहे कोरोना केस के कारण कई राज्यों ने अपने यहां कई कड़े प्रतिबंध लगा दिए है। यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु सहित कई राज्यों ने लोगों की सुरक्षा के लिए लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू के लिए नई गाइडलाइंस जारी किए हैं। आइए जानते हैं किस राज्य में क्या प्रतिबंध लगाया है। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने अगले 15 दिन के लिए राज्य में मिनी लॉकडाउन लगा दिया है।
यूपी में लॉकडाउन की सीमा बढ़ाई गई
यूपी में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए वीकेंड लॉकडाउन में एक दिन का इजाफा कर दिया गया है। अब यहां शुक्रवार रात 8 बजे से मंगलवार सुबह 7 बजे तक लॉकडाउन रहेगा। इससे पहले शनिवार और रविवार को लॉकडाउन लागू रहता था जबकि नई गाइडलाइंस के अनुसार, अब सोमवार को भी लॉकडाउन जारी रहेगा।
इस दौरान सिर्फ जरूरी सेवाओं जैसे मेडिकल शॉप, क्लीनिक, अस्पताल, दूध और सब्जी की दुकानों को ही इजाजत रहेगी। इसके अलावा यूपी के सभी जिलों में रात 8 बजे से सुबह 7 बजे का नाइट कर्फ्यू भी लागू है। बता दें कि यूपी में कोरोना की पॉजिविटी रेट लगभग 30 फीसद हो चुकी है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश के बड़े शहरों 14 दिन लॉकडाउन लगाने की मांग की थी।
बिहार में लॉकडाउन के नियम
बिहार में नीतीश सरकार ने बुधवार को कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके अनुसार, शाम के 6 बजे से सुबह के 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान पूरे राज्य में धारा 144 लगाने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही शादी समारोह में भी अब अधिकतम 50 लोग ही शामिल हो सकेंगे वहीं अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे।
नई गाइडलाइंस के मुताबिक शाम 4 बजे तक ही दुकानें खुलेगी। दवा और दूध की दुकानें खुली रहेंगी। औद्योगिक प्रतिष्ठान में निर्माण कार्य जारी रहेंगे। ई-कॉमर्स से जुड़ी सारी गतिविधियां जारी रहेंगी। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी प्रतिष्ठान और गतिविधियां भी जारी रहेगी। ठेले पर फल और सब्जी घूम-घूम कर बेचने की अनुमति है। कृषि और इससे जुड़े कार्य जारी रहेंगे। रेस्तरां और होटल या खाने की दुकान पर रात 9 बजे तक ही खाना घर ले जाने की अनुमति है।
राजस्थान में शाम 6 बजे से सुबह 5 बजे तक वीकेंड कर्फ्यू
राजस्थान में पिछले हफ्ते से एक बार फिर गहलोत सरकार ने वीकेंड कर्फ्यू की घोषणा कर दी है। इसके तहत शुक्रवार शाम 6 बजे से लेकर सोमवार सुबह 5 बजे तक पूर्ण रूप से वीकेंड कर्फ्यू लागू रहेगा। यह आदेश 25 अप्रैल सुबह 5 बजे से लागू हुए हैं। इस दौरान बाजार शनिवार-रविवार पूर्णतया बंद रहेंगे। सरकार की ओर से जारी नई गाइडलाइन में बहुत सी नई पाबंदियों को भी जोड़ा है।
आदेश के अनुसार सभी खाद्य पदर्थों और किराने के सामान, आटा चक्की, पशुचारे से संबंधित दुकानें सोमवार से शुक्रवार सुबह 6 बजे से 11 बजे तक खुलेंगी। वहीं कृषि आदान विक्रेताओं की दुकानें सोमवार और गुरुवार को सुबह 6 बजे से 11 बजे तक खुलेंगे। डेयरी व दूध की दुकानें रोजाना सुबह 6 बजे से 11 बजे और शाम को 5 बजे से 7 बजे तक खोली जा सकेंगी। जबकि मण्डियां, फल-सब्जियां, फूल मालाएं और सब्जी व फलों के ठेले रोजाना सुबह 6 बजे से दोपहर 11 बजे तक खुली रहेंगी।
मध्य प्रदेश के भोपाल समेत 5 शहरों में तीन मई तक लॉकडाउन
मध्य प्रदेश में भोपाल समेत छिंदवाड़ा, रतलाम, सागर और जबलपुर में जारी पाबंदियों को बढ़ा दिया है। भोपाल में अब तीन मई तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लागू रहेंगी। वहीं, छिंदवाड़ा, रतलाम, सागर और जबलपुर में ये प्रतिबंध 1 मई तक के लिए रहेगा।
गाइडलाइन के अनुसार अनिवार्य सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी और निजी कार्यालय 10 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ ही संचालित होंगे। सामाजिक, राजनैतिक, खेलकूद, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सार्वजनिक तथा धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजनों के लिए लोगों का एकत्रित होना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
भारत की मदद के बहाने आपदा में ‘अवसर’ खोज रहा चीन
कोरोना का तोहफा देने वाले चीन अब भारत की हर संभव मदद करने की बात कह रहा है।
बीजिंग/नई दिल्ली: कोरोना वायरस की उत्तपत्ति करने वाला और पूरी दुनिया को धोखे में रखने वाला चीन अब कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत की मदद करना चाह रहा है। यह मदद है या फिर आपदा को अवसर में बदलने की तरकीब यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
दरअसल, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को वादा किया कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों के खिलाफ भारत की लड़ाई में उनका देश हर संभव मदद करेगा। उन्होंने कहा कि चीन महामारी के खिलाफ उपयोग होने वाली वस्तुओं को तेजी से भारत पहुंचा रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे पत्र में वांग ने कहा, 'चीनी पक्ष, भारत जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनके प्रति संवेदना रखता है और गहरी सहानुभूति प्रकट करता है।
भारत में चीन के राजदूत सुन वेइदोंग ने इस पत्र को ट्विटर पर साझा किया जिसमें लिखा है, 'कोरोना वायरस मानवता का साझा दुश्मन है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर और समन्वयित होकर इसका मुकाबला करने की जरूरत है। चीनी पक्ष भारत सरकार और वहां के लोगों का, महामारी से लड़ाई में समर्थन करता है।
वांग ने कहा कि चीन में उत्पादित महामारी रोधी वस्तुएं तेजी से भारत में भेजी जा रही हैं ताकि भारत की इस महामारी में मदद की जा सके। उन्होंने कहा, 'चीनी पक्ष भारत की जरूरत के अनुरूप यथासंभव समर्थन और मदद पहुंचाना जारी रखेगा। हमें उम्मीद और भरोसा है कि भारत सरकार के नेतृत्व के अंतर्गत लोग यथा शीघ्र इस महामारी पर काबू पा लेंगे। वांग का पत्र ऐसे समय आया है जब दोनों देशों की सेनाओं की पूर्वी लद्दाख के बाकी बचे तनाव वाले इलाके से वापसी होनी बाकी है। दोनों देशों की सेना फरवरी में पैगोंग झील के इलाके से पीछे हटी थीं।
भारत आनी थी ऑक्सीजन डिवाइस,चीन ने रोकी फ्लाइट
बताते चलें कि चीन की सिचुआन एयरलाइंस ने भारत आने वाली सभी कार्गो फ्लाइट पर अगले 15 दिन के लिए रोक लगा दी है। इन कार्गो फ्लाइट के द्वारा भारत की कई निजी कंपनियां चीन से ऑक्सीजन कान्सेंट्रेटर और कई अन्य जरूरी मेडिकल डिवाइस मंगाने वाली थीं। सिचुआन एयरलाइंस से जुड़ी कंपनी सिचुआन चुआनहांग लाॅजिस्टिक कंपनी ने कहा है एयरलाइंस ने कुल छह रूट पर अपने कार्गो फ्लाट निलंबित किए हैं। यह चीन की एक सरकारी विमान कंपनी है। इसकी वजह से निजी क्षेत्र द्वारा चीन से कोविड संबंधी मेडिकल सप्लाई मंगाने में काफी अड़चन आएगी। देश में बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए व्यापारियों ने ऑक्सीजन कान्सेंट्रेटर चीन से आयात करने का निर्णय लिया था।
बहरहाल, अब चीन किस तरह से भारत की मदद करता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन जिस तरह से उसने कोरोना वायरस के बारे में दुनिया को अंधेरे में रखा और फिर कोरोना के खिलाफ जंग में लगातार दूसरों की टांगे खीचता रहा वह भारत के लिए किस तरह के ‘संभव’ वाली मदद करेगा यह देखना बाकी है।
चारा घोटाला : CBI कोर्ट ने लालू यादव की रिहाई का जारी किया आदेश
रांची: बिहार के पूर्व सीएम और बहुचर्चित चारा घोटाले के मामले में सजा का रहे लालू प्रसाद यादव को राहत देते हुए उनकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया है। रिहाई का आदेश सीबीआई कोर्ट द्वारा लालू की ओर से 10 लाख रुपये जुर्माना राशि कोर्ट में जमा करने के बाद अदालत ने रिलीज आर्डर जारी किया है।
लालू यादव के लिए बेलर के तौर पर निशिकांत और राजू गोप कोर्ट में उपस्थित रहें। लालू यादव चारा घोटाले में सजायाफ्ता थें और उनकी तबियत खराब हो जाने के बाद उन्हें दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था। हालांकि, अभी भी लालू यादव एम्स में ही इलाज कराएंगे बस अब वह जेल कस्टडी से बाहर हो जाएंगे। इस बात की जानकारी उनके बेटे तेजस्वी यादव द्वारा पहले की दी जा चुकी है। एम्स में वो फिलहाल बिरसा मुंडा जेल के कस्टडी में इलाज करवा रहे हैं।
मुश्किल से भरा गया बेल बॉंड
लालू यादव के वकील प्रभात कुमार ने बताया कि चाह कर भी हम लोग बेल बांड नहीं भर पा रहे थे। कल शाम को हमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया की तरफ एक पत्र आया, जिसमें कहा गया कि जिनका बेल हो गया है, उनका बेल बांड अधिवक्ता भर सकते हैं। इसी निर्देश के आलोक में हमने बेल बांड भरा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। अब रिलीज ऑर्डर जेल पदाधिकारियों के पास चली जाएगी।
17 अप्रैल को दे दी गई थी जमानत
चारा घोटाला मामले में दोषी आरजेडी सुप्रीमो को झारखंड हाई कोर्ट ने इसी महीने की 17 तारीख को सशर्त जमानत दी है। बता दें कि जस्टिस अपरेश सिंह की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सजा की आधी अवधि पूरी करने के आधार पर लालू प्रसाद यादव को दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में जमानत प्रदान की है।
गौरतलब है कि चाईबासा और देवघर कोषागार से अवैध निकासी मामले में पूर्व में ही लालू प्रसाद यादव को जमानत मिल चुकी है। लालू यादव को कोर्ट ने कई शर्तों के साथ जमानत दी है। इन शर्तों में बिना अनुमति के देश से बाहर ना जाने और अपना पता, मोबाइल नंबर ना बदलने समेत कई शर्तें शामिल हैं।
नई दिल्ली: कोरोना संक्रमित होने के बाद एम्स में भर्ती कराए गए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को आज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने कोरोनो का मात दे दी है।
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को 19 अप्रैल को एम्स में भर्ती कराया गया था। उनकी कोरोना वायरस टेस्ट पॉजिटिव आई थी। मनमोहन सिंह को दिल्ली एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। सिंह को हल्का बुखार था और जांच में उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी जिसके बाद वह चिकित्सकों की निगरानी में थे।
पूर्व प्रधानमंत्री कोरोना के टीके की दोनों खुराक ले चुके हैं बावजूद इसके वह कोरोना की चपेट में आने से नहीं बच सके। पिछले साल नई दवा के कारण रिएक्शन और बुखार होने के बाद उन्हें को एम्स में भर्ती कराया गया था। कई दिनों के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 से संक्रमित पाए गए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जल्द स्वस्थ होने की कामना की थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ‘‘अपने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के उत्तम स्वास्थ्य और जल्द से जल्द उनके ठीक होने की कामना करता हूं।’’
कानपुर देहात: जिला अस्पताल से CMO-CMS स्टाफ समेत मिले नदारद, डीएम हैरान, मरीज परेशान
यहां मौके पर ना तो सीएमओ मिले और ना ही सीएमएस। बात दूसरे स्टाफ की करें तो वह भी नदारद ही मिले।
कानपुर देहात: धरती पर डॉक्टर्स को धरती का भगवान कहा जाता है और कोरोना काल में
अगर सबसे ज्यादा किसी की जरूरत है तो डॉक्टर्स की। लेकिन कानपुर देहात जिला
अस्पताल में तैनात डॉक्टर्स मौज कर रहे हैं। दरअसल, इसका खुलासा तब हो सका जब
जिलाधिकारी ने अचानक जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां मौके पर ना तो सीएमओ मिले और ना ही सीएमएस। बात दूसरे स्टाफ की करें तो वह भी नदारद ही मिले।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह गुरुवार को
जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने वैक्सीनेशन कराया। वहीं जिला
अस्पताल की इमरजेंसी में हो रहे इलाज से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों एवं डॉक्टरों की
उपस्थिति व अस्पताल में स्वास्थ्य सम्बंधी मूलभूत सुविधाओं को लेकर उपस्थित
डॉक्टरों से वार्ता कर समस्याएं जानीं। ऑक्सीजन सिलेंडर की समस्या को लेकर जहां
चिंता प्रकट की, वही ऑक्सीजन सिलेंडर इतनी जल्दी खाली होने की
डॉक्टरों द्वारा दी गई जानकारी पर एसडीएम को भाव्या गैस सर्विस के संचालक से
वार्ता कर सिलेंडर में कम गैस की आपूर्ति पर संदेह जताया। ड्यूटी में तैनात महिला डॉक्टर ने जिलाधिकारी
को बताया कि सेनीटाइजर मार्क्स हैंड ग्लब्स से लेकर अन्य कई प्रकार की समस्याएं आ
रही हैं।
सीएमओ डॉ. राजेश कटियार, सीएमएस डॉ. बीपी सिंह बिना डीएम को
अवगत कराए काफी समय से लापता चल रहे हैं। वहीं जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल है।
डीएम ने जब उपस्थित रजिस्टर मांगे तो काफी देर बाद उपलब्ध कराये जा सके। जिसमे कई
डॉक्टर कई दिनों से नदारद मिले। कुछ डॉक्टर निरीक्षण के समय तक उपस्थित नहीं हो
सके। यही हाल अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का रहा। जिला अस्पताल के आधे डॉक्टर एवं
स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने एसडीएम
अकबरपुर राजीव राज को जिला अस्पताल में मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता एवं स्टाफ की
उपस्थिति संबंधी सारा विवरण तलब किया है। डीएम ने गैरहाजिर स्टाफ पर कठोर कार्रवाई
के संकेत दिए हैं।
बदहाल स्वास्थ्य विभाग पर जिलाधिकारी का पारा सर चढ़कर बोल रहा
था।उन्होंने कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ एफआईआर होगी। वही
सीएमओ एवं सीएमएस बिना बताए जिले से नदारद हैं। इस मामले में शासन को अवगत कराते
हुए उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलवामा हमले में घायल सीआरपीएफ जवान अजय कुमार तिवारी की इलाज के दौरान मौत
गुरुवार को जवान का शव पैतृक गांव बलिया पहुंचते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
बलिया। पुलवामा आतंकी हमले में घायल सीआरपीएफ जवान अजय कुमार तिवारी की मौत दिल्ली स्थित पर्क अस्पताल में इलाज के दौरान हो गयी। इसकी सूचना मिलते ही परिजनों सहित इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार को जवान का शव पैतृक गांव बलिया पहुंचते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग अपने लाल की अंतिम झलक पाने को बेताब दिखे।
हल्दी थाना क्षेत्र के बगही गांव निवासी अजय कुमार तिवारी पुत्र स्व. बिंदेश्वरी तिवारी सीआरपीएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर पुलवामा में तैनात थे। 26 नवंबर 2020 को आतंकी हमले में अजय कुमार तिवारी घायल होने के एक सप्ताह बाद कोमा में चले गए थे। उनके ब्रेन का ऑपरेशन पुलवामा में ही किया गया। फिर चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया, जहां पर्क अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जवान का पार्थिव शरीर दिल्ली से हवाई जहाज द्वारा गुरुवार की सुबह वाराणसी पहुंचा। वहां पहड़िया (वाराणसी) स्थित सीआरपीएफ 95 बटालियन के जवान पार्थिव शरीर लेकर सड़क मार्ग से पैतृक गांव पहुंचे।
ग्रामीणों ने अपनी माटी के लाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पत्नी निशा, पुत्री अंजली, पुत्र मोहित व अंकुश का रोते-रोते बुरा हाल था। जवान का अंतिम संस्कार गंगा नदी के हुकुम छपरा घाट पर किया गया, जहां सीआरपीएफ जवानों ने अपने साथी को गार्ड आफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। इस मौके पर सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट ज्ञानरंजन, एसआई बीके शर्मा, हवलदार अभिमन्यु व राकेश कुमार, पूर्व ग्राम प्रधान संजय कुमार ओझा, समाजसेवी नितेश कुमार सिंह, अवधेश मिश्रा, मुन्ना मिश्रा, गोपाल जी गुप्ता, विजय तिवारी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
बेटे को सीने से लगाने की कोशिश करने लगी बूढ़ी मां
95 वर्षीय बूढ़ी मां कौशल्या को जैसे ही पता चला कि उनके जिगर का टुकड़ा अजय अब दुनिया में नहीं रहा, वह टूट गई। उन्हें काठ मार गया। दरवाजे पर रखे बेटे के शव के पास पहुंची बूढ़ी मां उसे सीने से लगाने की कोशिश करने लगी। मां का यह ममत्व देख, वहां उपस्थित हर किसी की आंखों का कोर भींग गया और जुबां से सिर्फ यही आवाज निकली की मां तो मां होती है।विधाता तूने क्या किया।
बताया जा रहा है कि अजय पूरे परिवार के साथ फरवरी 2020 में पैतृक गांव बगही में अपने भतीजे के शादी में आए थे। शादी के बाद अजय मां कौशल्या से कह कर गए थे कि अगली बार आऊंगा तो बेटे मोहित का यज्ञोपवीत संस्कार करूंगा, लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था। पत्नी निशा तिवारी एवं बेटी अंजलि तिवारी का तो रोते-रोते बुरा हाल है। बड़े भाई विजय व कृष्ण कुमार को तो काठ सा मार गया है।
नई दिल्ली:पूरी दुनिया लिए दहसत का पर्याय बन चुके कोरोना के खिलाफ लड़ाई जारी
है। खासकर दूसरे लहर के बीच कोरोना अपने पीक पर है और उसे हराने के लिए हर तरह के
इंतजाम किए जा रहे हैं। अब कोरोना के खिलाफ लड़ाई में देश की सेनाएं भी जुट गई
हैं। ताजा मामले में भारतीय सेना के प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने आज पीएम
मोदी से मुलाकात की और सेना द्वारा कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में किए जा
रहे कार्यों की जानकारी दी और भविष्य की प्लानिंग के बारे में भी चर्चा की। । ये
जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई है।
जनरल नरवणे ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि
सेना जहां संभव हो रहा है वहां अपने अस्पतालों को आम लोगों के लिए खोल रही है,
आम
नागरिक नकदीकी सैन्य अस्पताल जा सकते हैं। सेना कोविड के मामलों से निपटने के लिए
देश के विभिन्न हिस्सों में अस्थायी अस्पताल बना रही है। सेना प्रमुख ने
प्रधानमंत्री को इस बात से भी अवगत कराया कि आयात किए गए ऑक्सीजन टैंकरों और
गाड़ियों के प्रबंधन में जहां विशेषज्ञ कौशल की जरूरत पड़ रही है। वहां सेना की ओर
से मदद पहुंचाई जा रही है।
वायु सेना प्रमुख भी कर चुके हैं पीएम मोदी से
मुलाकात
पीएम मोदी से एक दिन पहले ही वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने
मुलाकात की थी और वायु सेना द्वारा कोरोना वायरस के खिलाफ किए जा कार्यों की पूरी
जानकारी दी थी। पीएम मोदी और वायु सेना प्रमुख के बीच हुई मुलाकात में ऑक्सीजन
टैंकरों और अन्य आवश्यक उपकरणों के परिवहन में सुरक्षा का ध्यान रखते हुए तेजी
लाने पर बल दिया गया। वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने पीएम मोदी से मुलाकात की
और देश में कोविड-19 की ताजा स्थिति में सुधार के लिए वायु सेना
द्वारा किए जा रहे प्रयासों से उन्हें अवगत कराया।
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, "कोरोना
से मुकाबले के लिए भारतीय वायु सेना द्वारा किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया।
वायु सेना, जो देशभर में कई नागरिकों की मदद कर रहा है,
कोविड
से राहत कार्यों के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केद्रित कर रहा है।"
बयान के मुताबिक, "एयर चीफ मार्शल
आरकेएस भदौरिया ने बताया कि वायुसेना सभी क्षेत्रों को कवर करने के लिए बड़े के
साथ-साथ मध्यम आकार के विमानों की तैनाती कर रहा है। प्रधानमंत्री ने ऑक्सीजन
टैंकरों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के परिवहन संचालन की गति तेज करने, उसका
स्तर बढ़ाने और उसकी सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।"
देश मे कोरोना का विस्फोट जारी। दूसरी लहर में 24 घंटे में रिकॉर्ड 3645 मरीजों की मौत!
हर दिन कोरोना संक्रमण के मामले और मौत की संख्या रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही है स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 379,257 नए कोरोना केस आए और 3645 संक्रमितों की जान चली गई है।
हालांकि, इस दौरान 2,69,507 लोग कोरोना से ठीक भी हुए। इससे पहले मंगलवार को देश में 360,960 नए केस आए थे।
इस साल 1 फरवरी को कोरोना के मामले घटकर 8,635 नए कोरोना केस दर्ज किए गए थे।
एक दिन में कोरोना मामलों की ये संख्या इस साल सबसे कम थी। लेकिन दूसरी लहर ने तोड़े सारे रिकॉर्ड।
जानिए देश में आज कोरोना की ताजा स्थिति क्या है---
कुल कोरोना केस- एक करोड़ 83 लाख 76 हजार 524
कुल डिस्चार्ज- एक करोड़ 50 लाख 86 हजार 878
कुल एक्टिव केस- 30 लाख 84 हजार 814
कुल मौत- 2 लाख 4 हजार 832
कुल टीकाकरण- 15 करोड़ 20 हजार 648 डोज दी गई
महाराष्ट्र में कल 985 लोगों की मौत
महाराष्ट्र में कल कोविड के 63,309 नए मामले आए और संक्रमण से 985 और लोगों की मौत हो गयी. नए मामलों के साथ राज्य में संक्रमितों की संख्या 44,73,394 और मृतक संख्या 67,214 हो गयी है.
पिछले 24 घंटो में राजधानी दिल्ली में बेक़ाबू कोरोना लॉक डाउन के बावज़ूद लॉक नहीं हो रहा है।
बुधवार को देर रात आंकड़े में बताया गया कि 24 घंटे के अंदर दिल्ली में कोरोना संक्रमण से 368 मौत हुई है और संक्रमण के 25,986 नए मामले सामने आए हैं।
दिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक नए मामले सामने आने के बाद दिल्ली में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 99752 हो गई है और 53,819 मरीजों का इलाज घर में आइसोलेशन में किया जा रहा है।
24 घंटे के अंदर दिल्ली की संक्रमण की दर 31.76 फीसद रही है।
दिल्ली सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में कुल 81,829 जांच की गई थी। इस समय दिल्ली के अस्पालत में 19,243, कोविड केयर सेंटर में 544 और कोविड हेल्थ सेंटर में 160 मरीज भर्ती है। नए मामले आने के बाद दिल्ली में अब सील क्षेत्रों की संख्या बढ़कर 33,749 हो गई है। इन 24 घंटे में 20,458 मरीज ठीक होकर वापस अपने घरों को लौटे हैं।
1 मई से 18+उम्र का वैक्सीनेशन, पहले दिन 1.32 करोड़ ने कराया रेजिस्ट्रेशन!
1 मई से 18+उम्र का वैक्सीनेशन, पहले दिन 1.32 करोड़ ने कराया रेजिस्ट्रेशन!
बुधवार 28 अप्रैल से 18 साल से 44 साल के लोगों को भी कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
टीकाकरण के लिए पहले दिन ही 1.32 करोड़ लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। लेकिन जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है, उन्हें अभी अपॉइंटमेंट नहीं मिली है। यानी कि उन्हें अभी वैक्सीनेशन की तारीख और टाइम स्लॉट के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
18+ वालों के वैक्सीनेशन के लिए कोविन और आरोग्य सेतु एप के अलावा कोविन पोर्टल पर भी रजिस्ट्रेशन हो रहा है।
लेकिन लोगों का आरोप है कोविन एप पर रजिस्ट्रेशन के दौरान उन्हें कई परेशानी भी हुई हैं।
इसके अलावा कोविन पोर्टल पर भी काफी दिक्कतों की शिकायत मिलती रही।. कुछ लोगों को ओटीपी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
इन समस्याओं को लेकर सोशल मीडिया पर कई हैशटैग ट्रेंड होते रहे।
लोगों ने स्क्रीनशॉट भी शेयर किए. कुछ यूजर्स को ये भी मैसेज मिला कि अभी सिर्फ 45+ लोगों का ही रजिस्ट्रेशन हो रहा है।
वेबसाइट और एप में दिक्कत की शिकायत के बाद आरोग्य सेतु ने ट्वीट कर कहा है कि कोविन पोर्टल अब ठीक से काम कर रहा है।
शाम के चार बजे मामूली दिक्कत आई थी. 18 साल से अधिक उम्र के लोग रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
एक मई से कोविन पोर्टल पर दिखेंगी टीके की कीमतें
इस समय देश में कोरोना की दो वैक्सीन भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड उपलब्ध है।
.एक मई से नागरिकों के लिए कोरोना वायरस रोधी टीकों के प्रकार और उनकी कीमतें कोविन पोर्टल पर दिखाई जाएंगी।
18 से 44 उम्र के लोग किसी भी निजी कोविड टीकाकरण केंद्र (सीवीसी) से पैसे देकर टीका लगवा सकेंगे. 45 साल से कम आयु के नागरिक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में किसी भी सरकारी सीवीसी से टीका लगवा सकेंगे।
पश्चिम बंगाल में आठवें और अंतिम चरण का मतदान शुरू हो गया है। अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने डाला वोट।
पश्चिम बंगाल में आज 35 विधानसभा सीटों के लिए लोट डाले जा रहे हैं। लोग सुबह से ही लंबी कतार में खड़े नजर आए।
विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के लिए अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने उत्तर कोलकाता के काशीपुर-बेलगछिया के एक मतदान केंद्र पर वोट डाला। उन्होंने कहा, ''इससे पहले इतना शांतिपूर्ण मतदान मैंने नहीं देखा. सुरक्षा के बहुत अच्छे प्रबंध हैं, इसके लिए बधाई देता हूं.''
इस चरण में टीएमसी और वाम-कांग्रेस गठबंधन के बीच टक्कर होती दिख रही है। क्या इसका फायदा BJP को होगा इस पर सबकी नजर है।
दरअसल इन सीटों पर मुस्लिम आबादी ज्यादा है और इस वजह से राजनीतिक दलों की निगाहें अल्पसंख्यक वोट पर टिकी हैं।
आज जिन 35 सीटों पर मतदान होगा उसमें मालदा की 6, बीरभूम की 11, मुर्शिदाबाद की 11 और कोलकाता नॉर्थ की 7 सीट हैं। मालदा और मुर्शिदाबाद की कुछ सीटों पर पिछले चरण में मतदान हो भी चुका है।
पिछले चुनाव में भी इन सीटों पर टीएमसी और कांग्रेस का ही वर्चस्व था। टीएमसी के खाते में 17 तो कांग्रेस के खाते में 13 सीटें आई थीं।
हालांकि लोकसभा चुनाव के दौरान इन सीटों पर भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया था। मालदा और मुर्शिदाबाद में मुसलमान कांग्रेस का समर्थन ज्यादा करते हैं।
इस चरण में तृणमूल के दो मंत्री शशि पांजा और साधन पांडेय श्यामपुकुर और मानिकताला सीट से प्रत्याशी हैं। मालदा और मुर्शिदाबाद की 17 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है। इस चरण में 84 लाख मतदाता हैं और 283 उम्मीदवार मैदान में हैं। 11860 मतदान केंद्र बनाए गए हैं और केंद्रीय बलों की 641 कंपनियों को तैनात किया गया है।
भाजपा नेता ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर लगाए आरोप
पश्चिम बंगाल: मालदा से भाजपा उम्मीदवार गोपाल चंद्र साहा ने वोट डाला। उन्होंने कहा, ''यहां उम्मीदवार भी सुरक्षित नहीं हैं। TMC के गुंडों ने बहुत से भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की है। कुछ मतदान केंद्र में हमारे मतदान एजेंट को घुसने नहीं दिया जा रहा है।'' बता दें कि पश्चिम बंगाल में पहले के चरणों में हिंसा भी हो चुकी है। पांचवें चरण के दौरान चार लोंगों की मौत हो गई थी
महाराष्ट्र में बेकाबू कोरोना से टूटा 24 घंटे में मौत के सारे रिकॉर्ड! पिछले 24 घंटे में आए कोरोना के 63,309 नए केस। मिनी लॉकडाउन 15 दिन बढ़ना तय।
भारत मे कोरोना की सुनामी की सबसे ज़्यादा मार झेलने वाले प राज्य महाराष्ट्र में कोविड 19 के नए मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी कम होने का नाम नहीं ले रहा।
भारत मे कोरोना की सुनामी की सबसे ज़्यादा मार झेलने वाले प
राज्य महाराष्ट्र में कोविड 19 के नए मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी कम होने का नाम नहीं ले रहा।
पिछले 24 घंटे में 63,309 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं।
अबतक राज्य में कुल 44,73,394 लोग कोरोना की चपेट में आए हैं।
राज्य में पिछले 24 घंटे में 985 मरीजों की मौत हुई है। ये एक दिन में कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
इसी के साथ मृतकों की संख्या राज्य में 67214 हो गई है। राज्य में मंगलवार को 66 हजार 358 नए केस आए थे और 895 मरीजों की मौत हुई थी। सोमवार को 48,700 नए मामलों की पुष्टि हुई थी और 524 मरीजों की मौत हुई थी।
महाराष्ट्र में 18 अप्रैल को सर्वाधिक 68,631 मामले आए थे।
लेकिन मिनी लॉकडाउन के बावज़ूद हालात नहीं सुधरे।
कोरोना के नए मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी को देखते हुए उद्धव ठाकरे की महाराष्ट्र में 30 अप्रैल के बाद भी 15 दिनों के लिए लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों को बढ़ाने का एलान कल कर सकती है।
Covid Vaccination: 18+ उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन कराने में मशक्कत!
सर्वर पर लोड बढ़ने से कई बार हुआ क्रैश, ज्यादातर यूजर्स को रेजिस्ट्रेशन में हो रही दिक्कत.
नई दिल्ली: आज शाम 4 बजे से 18 साल से ऊपर के लोगों के वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जैसे ही शुरू हुई, कोविन का सर्वर डाउन हो गया। कोवि प्लेटफॉर्म या आरोग्य सेतु ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन में लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रजिस्ट्रेशन शुरू, अचानक लोड बढ़ने से कोविन का सर्वर डाउन
वक़्त नहीं है? 18 से 44 उम्र वालों के रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही इन प्लेटफॉर्म्स पर अचानक इतना लोड बढ़ गया है कि सर्वर काम नहीं कर रहा। ज्यादातर यूजर्स के पास यह संदेश आ रहा है कि कोविन सर्वर दिक्कतों का सामना कर रहा है। कृपया थोड़ी देर बाद कोशिश करें। इस बीच कुछ लोग रजिस्ट्रेशन कराने में सफल हुए। कई यूजर्स तो आरोग्य सेतु ऐप के न खुलने की शिकायत कर रहे हैं। उन्हें एरर का मेसेज आ रहा है। एक साथ बड़ी संख्या में लोग रजिस्ट्रेशन के लिए कोशिश कर रहे हैं और सर्वर इतना लोड नहीं उठा पा रहा है। 18 साल से 44 साल के लोग भी 1 मई से कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगवा सकते हैं लेकिन उसके लिए पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
दावा- कुछ देर के लिए थी तकनीकी दिक्कत, अब दूर हो गई। आरोग्य सेतु के ऑफिशल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर बताया गया है कि कोविन पोर्टल काम कर रहा है। 4 बजे एक छोटी सी गड़बड़ी आई थी जिसे दूर कर लिया गया है। 18 साल से ऊपर के लोग रजिस्टर कर सकते हैं। 18 साल से ज्यादा उम्र वाले आज से करा सकते हैं।
रजिस्ट्रेशन हो रहा, लेकिन नहीं मिल रहा स्लॉट
जिन लोगों का रजिस्ट्रेशन हो भी रहा है, उन्हें वैक्सीनेशन का टाइम स्लॉट अलॉट नहीं हो रहा। अपॉइंटमेंट के लिए उन्हें कुछ देर बार फिर से चेक करने का मेसेज आ रहा है। अब आरोग्य सेतु ऐप के ऑफिशल ट्विटर हैंडल से इसे लेकर तस्वीर साफ की गई है। ट्वीट में बताया गया है कि 18 साल से ऊपर के लोगों को वैक्सीनेशन का अपॉइंटमेंट तभी संभव होगा जब राज्य सरकारें और प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर वैक्सीनेशन सेशंस शुरू करेंगी।
रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 18 से 44 साल तक की आयु के लोगों के लिए कोविड-19 टीका लगवाने का समय लेना अनिवार्य होगा क्योंकि शुरुआत में सीधे आकर टीका लगवाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि, 45 साल से अधिक आयु के लोग अब भी मौके पर पंजीकरण कराकर टीका लगवा सकते हैं। 18 से 44 वर्ष की उम्र वर्ग के लोग किसी भी निजी कोविड टीकाकरण केंद्र (सीवीसी) से भी पैसे देकर टीका लगवा सकेंगे।
सीरम इंस्टीट्यूट ने घटाई कोरोना वैक्सीन की कीमत, जानें; क्या होंगी नई कीमतें
Covishield price for states reduced to INR 300 per dose, says Adar Poonawalla
नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनियों में से एक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैक्सीन की कीमतों को घटाने का ऐलान किया है. कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि उन्होंने राज्यों के लिए तय की गई कीमत 400 रुपये से घटाकर 300 रुपये कर दी है. ताकि अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन का लाभ मिल सके. उन्होंने खुद ट्वीट कर ये जानकारी दी.
अदार पूनावाला का ट्वीट
अदार पूरानाला ने ट्विटर पर लिखा, 'सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की तरफ से परोपकार की भावना के तहत मैं राज्यों के लिए तय की गई वैक्सीन की कीमत 400 रुपये प्रति डोज से घटाकर 300 रुपये प्रति डोज कर रहा हूं. कीमतों में बदलाव तुरंत लागू हो गई हैं. इससे राज्य सरकारों के फंड के सैड़कों करोड़ रुपये बचेंगे, जिससे और भी अधिक लोगों तक वैक्सीन पहुंचाई जा सकेगी, साथ ही अनगिनत जिंदगियों को भी बचाया जा सकेगा.'
सरकार ने की थी दाम करने करने की गुजारिश
पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने अपने कोविड-19 टीके 'कोविशिल्ड' की राज्य सरकारों के लिए कीमत 400 रुपये प्रति खुराक घोषित की थी और निजी अस्पतालों के लिए 600 रुपये प्रति खुराक घोषित की है. दोनों टीके 150 रुपये प्रति खुराक की दर से केंद्र सरकार को उपलब्ध हैं. जिसके बाद केंद्र सरकार ने वैक्सीन बनाने वाली सभी कंपनियों से दामों में कमीं करने की अपील की थी. इसके बाद ही अदार पूनावाला ने काम करने की घोषणा की है.
क्या शिवराज सरकार झूठ बोल रही है या फिर शहर के मुख्य श्मशान घाट के आंकड़े? जानें क्या है सच्चाई
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार कोरोना से मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. सरकार इन आंकड़ों को ना के बराबर बता रही है, लेकिन दूसरी तरफ शहर के मुख्य श्मशान घाट और कब्रिस्तान के आंकड़ों पर यकीन करें तो तस्वीर अलग ही सामने आ रही है. क्या सरकार मौत के आंकड़ों को छुपाने का काम कर रही है या तो सरकार झूठ बोल रही है या फिर शहर के मुख्य श्मशान घाट के आंकड़े.
21 अप्रैल को 138 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ. भदभदा विश्राम घाट में 92 और सुभाष विश्राम घाट में 33 शवों का अंतिम संस्कार हुआ. झदा कब्रिस्तान में 13 शवों को दफनाया गया. सरकारी आंकड़ों में कोरोना से 5 की मौत बताई गई है. 20 अप्रैल को 148 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ था.
यह आंकड़ा रोजाना शहर में कोरोना से मौत होने वाले शवों के अंतिम संस्कार के लिए तय किए गए. भदभदा, सुभाष विश्राम घाट और झदा कब्रिस्तान से आ रहे हैं. इस तरह बढ़ रहा मौत का ग्राफ
-15 अप्रैल को 112 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ था. - 16 अप्रैल को एक दिन में 118 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया था. - 17 अप्रैल के आंकड़ों के अनुसार, शहर के मुख्य विश्राम घाट और कब्रिस्तान में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत 92 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया था. सरकारी आंकड़ों में कोरोना से 3 मौत होना बताई गई थी. -18 अप्रैल को 112 शवों का कोविड प्रोटोकॉल के अंतिम संस्कार साथ किया गया था. सबसे ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार भदभदा विश्राम घाट में किया गया. -19 अप्रैल को 123 शवों का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गया था. -20 अप्रैल को 148 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार हुआ था.
मध्य प्रदेश मे जारी कोरोना का कहर प्रदेश भर में 21 अप्रैल को 13107 कोरोना के नए मामले सामने आए. इंदौर में 1781, भोपाल में 1709, जबलपुर में 789, ग्वालियर मे 1219 कोरोना पॉज़िटिव मरीज मिले. 75 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई. मध्य प्रदेश में 82268 एक्टिव मरीज़ों की संख्या हुई. राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अच्छी खबर है. प्रदेश भर में 9035 मरीज़ स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हुए. इंदौर में 1024, भोपाल 1664, जबलपुर में 437, ग्वालियर में 502 मरीज़ स्वस्थ हुए.