मोना अग्रवाल ने विश्व रिकॉर्ड के साथ जीता दूसरा स्वर्ण, एशियाई पैरा खेलों में रचा इतिहास
by न्यूज डेस्क
भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियाई पैरा खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस एसएच1 स्पर्धा में उन्होंने 357.5 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले मोना 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं।
50 मीटर राइफल स्पर्धा में बनाया विश्व रिकॉर्ड
मोना अग्रवाल ने 357.5 अंक के साथ नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड स्वीडन की निशानेबाज अन्ना बेंसन के नाम था, जिन्होंने जुलाई में 356 अंक हासिल किए थे। मोना ने अपने प्रदर्शन से पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
चीन और दक्षिण कोरिया की खिलाड़ियों ने जीते पदक
इस स्पर्धा में चीन की झांग कुइपिंग ने 353.7 अंक हासिल कर रजत पदक जीता। वहीं, दक्षिण कोरिया की किम मियुंग 344.4 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं और कांस्य पदक अपने नाम किया। भारत की अवनि लेखरा 333.2 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहीं। मोना के स्वर्ण पदक ने भारतीय पैरा निशानेबाजी अभियान में एक और उपलब्धि जोड़ दी।
तीन पोजिशन में लगातार बेहतर प्रदर्शन
50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस स्पर्धा में खिलाड़ियों को नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग पोजिशन में निशाना लगाना होता है। मोना ने तीनों चरणों में लगातार अंक जुटाए और 357.5 के कुल स्कोर तक पहुंचकर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया।
क्या है एसएच1 श्रेणी?
पैरा निशानेबाजी की एसएच1 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है, जिनकी शारीरिक अक्षमता के बावजूद वे निर्धारित नियमों के अनुसार राइफल या पिस्टल को स्वयं संभाल सकते हैं। इस श्रेणी में खिलाड़ियों का वर्गीकरण उनकी कार्यात्मक क्षमता और खेल के नियमों के आधार पर किया जाता है।
नौ महीने की उम्र में हुआ पोलियो, फिर भी नहीं छोड़ा खेलों का साथ
राजस्थान के सीकर में जन्मीं मोना अग्रवाल वर्तमान में जयपुर में रहती हैं। नौ महीने की उम्र में पोलियो होने के कारण उनके दोनों पैर प्रभावित हुए। इसके बावजूद उन्होंने खेलों में आगे बढ़ने का प्रयास जारी रखा और अपनी मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। निशानेबाजी से पहले मोना शॉटपुट, चक्का फेंक, भाला फेंक और भारोत्तोलन जैसे खेलों में भी हिस्सा ले चुकी हैं। दो बच्चों की मां मोना ने दिसंबर 2021 में निशानेबाजी शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की।
विश्व कप और पैरालंपिक में भी दिखाया दम
मोना ने 2023 में क्रोएशिया में आयोजित विश्व कप से अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी में पदार्पण किया और मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। वर्ष 2024 में दिल्ली में हुए विश्व कप में उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया और पैरालंपिक कोटा प्राप्त किया। पेरिस पैरालंपिक 2024 में मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। अब एशियाई पैरा खेल 2026 में दूसरा स्वर्ण और विश्व रिकॉर्ड हासिल कर उन्होंने अपने खेल करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ ली है।