CDSCO का दवा गुणवत्ता अलर्ट: सितंबर में 330 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, दिल्ली में नकली दवा की पहचान

CDSCO का दवा गुणवत्ता अलर्ट: सितंबर में 330 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, दिल्ली में नकली दवा की पहचान

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान 330 दवाओं के नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं में जांचे गए 42 और राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में जांचे गए 288 नमूने शामिल हैं। इसी दौरान दिल्ली में एक दवा का नमूना नकली भी पाया गया।

केंद्रीय और राज्य प्रयोगशालाओं की जांच में सामने आई कमियां

दवाओं की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए CDSCO और राज्य औषधि नियामक नियमित रूप से नमूनों की जांच करते हैं। सितंबर की रिपोर्ट में बताए गए 330 नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों से जुड़े एक या अधिक परीक्षणों में सफल नहीं रहे। हालांकि, किसी नमूने को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाए जाने (Not of Standard Quality—NSQ) का अर्थ यह नहीं है कि उस दवा के सभी बैचों में गुणवत्ता संबंधी समस्या है। नियामक के अनुसार, निष्कर्ष जांचे गए विशेष नमूने और संबंधित बैच पर आधारित होते हैं।

दिल्ली में एक दवा का नमूना नकली मिला

रिपोर्ट में दिल्ली से जुड़े एक मामले का भी उल्लेख है, जिसमें दवा का नमूना नकली पाया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस दवा का निर्माण कथित तौर पर एक अनधिकृत निर्माता ने किया था और इसके लिए दूसरी कंपनी के स्वामित्व वाले ब्रांड नाम का इस्तेमाल किया गया। मामले की जांच जारी है। संबंधित अधिकारियों की ओर से लागू कानूनों और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दवाओं की गुणवत्ता जांचने के लिए नियमित निगरानी

CDSCO राज्य औषधि नियामकों के साथ मिलकर दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी करता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले और नकली पाए गए उत्पादों की पहचान करना तथा नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना है। दवा की गुणवत्ता से जुड़ी ऐसी रिपोर्टों में नमूने, बैच और जांच के निष्कर्षों के बीच अंतर समझना जरूरी है। किसी एक बैच के नमूने में कमी पाए जाने को सभी बैचों के बारे में निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।


न्यूज डेस्क