पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 अक्टूबर से भारत दौरे पर, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर होगी चर्चा

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 अक्टूबर से भारत दौरे पर, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर होगी चर्चा

नई दिल्ली: भारत और पोलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहे इस दौरे में व्यापार, निवेश, रक्षा और नई तकनीकों समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। विदेश मंत्रालय ने 19 अक्टूबर को जारी बयान में टस्क की भारत यात्रा की जानकारी दी। उनके साथ पोलैंड के वित्त मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और व्यापार जगत के प्रतिनिधिमंडल के भी भारत आने की संभावना है।

पीएम मोदी के साथ होगी द्विपक्षीय वार्ता

अपने दौरे के दौरान पोलैंड के प्रधानमंत्री गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के संबंधों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा। भारत और पोलैंड के बीच आर्थिक संबंधों को विस्तार देने के साथ-साथ विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाना इस यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

बेंगलुरु में उद्योग जगत से मिलेंगे डोनाल्ड टस्क

नई दिल्ली के अलावा डोनाल्ड टस्क बेंगलुरु का भी दौरा करेंगे। यहां वह सूचना प्रौद्योगिकी (IT), अंतरिक्ष और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के कारोबारी सहयोग और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत-पोलैंड व्यापार मंच की बैठक 22 अक्टूबर को नई दिल्ली और 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में आयोजित की जाएगी। इन बैठकों के जरिए दोनों देशों के उद्योगों के बीच साझेदारी और व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

दूसरी बार भारत आ रहे हैं पोलैंड के प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री के रूप में डोनाल्ड टस्क की यह दूसरी भारत यात्रा होगी। इससे पहले वह वर्ष 2010 में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भारत आए थे। वर्ष 2017 में उन्होंने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के रूप में भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली का दौरा किया था।

किन क्षेत्रों में बढ़ सकता है सहयोग?

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस यात्रा से भारत और पोलैंड की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और आपसी संबंधों को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा।

यह दौरा भारत-पोलैंड संबंधों के साथ-साथ भारत और यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में आर्थिक और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खुलने की संभावनाएं हैं।


न्यूज़ डेस्क