उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, 2022 में बीजेपी के टिकट पर चकराता से लड़े थे चुनाव

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज, 2022 में बीजेपी के टिकट पर चकराता से लड़े थे चुनाव

उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों में गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच पूर्व बीजेपी नेता रामशरण नौटियाल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने के मौके पर पार्टी महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत अन्य नेता मौजूद थे। उनके कांग्रेस में लौटने को उत्तराखंड की आगामी चुनावी राजनीति के लिहाज से अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।

BJP छोड़ने के बाद कांग्रेस में वापसी

रामशरण नौटियाल ने अक्टूबर की शुरुआत में बीजेपी छोड़ने का ऐलान किया था। उन्होंने पार्टी में सम्मान की कमी और संगठन के भीतर अनुशासन से जुड़ी समस्याओं को अपने फैसले की वजह बताया था। उस समय बीजेपी की प्रदेश इकाई ने कहा था कि उसे उनका इस्तीफा प्राप्त नहीं हुआ है। बाद में रामशरण ने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया।

रामशरण नौटियाल इससे पहले भी कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। साल 2014 में वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। अब करीब 12 साल बाद उन्होंने फिर कांग्रेस का रुख किया है।

2022 में चकराता सीट से लड़ा था चुनाव

रामशरण नौटियाल ने 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में चकराता सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्हें 27,417 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार प्रीतम सिंह ने 36,853 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। रामशरण नौटियाल को 9,436 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।

वह देहरादून जिला पंचायत के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और जौनसार-बावर क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। राजनीतिक अनुभव के साथ-साथ उनकी पहचान लोकप्रिय गायक जुबिन नौटियाल के पिता के तौर पर भी है।

SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर कांग्रेस का हमला

रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने के दौरान पार्टी महासचिव कुमारी शैलजा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर बीजेपी तथा चुनाव आयोग की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। शैलजा ने दावा किया कि SIR को लेकर विपक्ष के अलावा दो चुनाव आयुक्तों ने भी आपत्तियां जताई हैं।

शैलजा ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दिल्ली में INDIA गठबंधन के नेताओं की चुनाव आयोग के कार्यालय तक पहुंचने की कोशिश और राष्ट्रपति से मुलाकात का जिक्र किया। उनके मुताबिक, गठबंधन के नेताओं को मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने का अवसर नहीं मिला, जबकि राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए केवल 10 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल को जाने दिया गया और अन्य सांसदों को विजय चौक पर रोक दिया गया।

कांग्रेस नेता ने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर सवाल उठाते हुए सरकार की कार्यशैली की आलोचना की। हालांकि, SIR, चुनाव आयोग और सरकार को लेकर लगाए गए ये आरोप कांग्रेस का राजनीतिक पक्ष हैं।

उत्तराखंड की राजनीति में क्या होगा असर?

रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी ऐसे समय हुई है, जब उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बीजेपी में रहते हुए चकराता से चुनाव लड़ चुके रामशरण का अब कांग्रेस में लौटना राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, उनकी आगे की राजनीतिक भूमिका और आगामी चुनाव में संभावित जिम्मेदारी को लेकर अभी किसी निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।


न्यूज़ डेस्क