‘बाइक-कार छोड़िए, भैंसा गाड़ी तक सुरक्षित नहीं थी’, भारत टैक्सी योजना के लॉन्च पर बोले CM योगी
by न्यूज डेस्क
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में भारत टैक्सी योजना और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति और सहकारिता क्षेत्र को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रदेश में अराजकता और दंगों का माहौल था और आम लोगों के साथ-साथ वाहन भी सुरक्षित नहीं थे।
‘भैंसा गाड़ी तक सुरक्षित नहीं थी’
सीएम योगी ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में महीनों तक कर्फ्यू लगता था और गुंडागर्दी चरम पर थी। उन्होंने कहा कि स्थिति ऐसी थी कि टू-व्हीलर और कार तो छोड़िए, भैंसा गाड़ी तक सुरक्षित नहीं थी। योगी ने आरोप लगाया कि लोग टैक्सी में सफर करने के बाद किराया नहीं देते थे और सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों द्वारा ड्राइवरों को पीटकर वाहन छीन लिए जाते थे। उन्होंने मेरठ में चोरी की गाड़ियों की चेसिस बदलने का भी जिक्र किया। ये दावे मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान किए।
‘गड्ढों में सड़क थी या सड़क में गड्ढे’
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पहले यह समझना मुश्किल था कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क। इसके मुकाबले उन्होंने मौजूदा समय में इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी और 4-लेन सड़कों के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने सहकारिता क्षेत्र को लेकर कहा कि यह व्यवस्था सही नेतृत्व में समृद्धि का माध्यम बन सकती है, जबकि गलत नेतृत्व में अराजकता को बढ़ावा मिल सकता है। कार्यक्रम में शुरू की गई भारत टैक्सी योजना के तहत ड्राइवरों को जीरो कमीशन मॉडल से जोड़ने की बात कही गई है। योजना में ड्राइवरों के लिए 5 लाख रुपये के सामाजिक सुरक्षा कवर का भी प्रावधान बताया गया है।
किसानों को 6 लाख रुपये तक का कर्ज
वहीं मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को 6 लाख रुपये तक का ऋण 6 फीसदी प्रभावी ब्याज दर पर उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 5 लाख किसानों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 384 करोड़ रुपये की स्वीकृति का लक्ष्य बताया गया है। दोनों योजनाओं के ई-पोर्टल के लॉन्च के साथ सरकार ने परिवहन क्षेत्र के ड्राइवरों को सामाजिक सुरक्षा और किसानों को सस्ती ऋण सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।