दिल्ली में ताबड़तोड़ द्विपक्षीय बैठकें, मोदी से मिलेंगे इथियोपिया-मलेशिया के PM; जिनपिंग भी पहुंच रहे भारत

by न्यूज डेस्क
दिल्ली में ताबड़तोड़ द्विपक्षीय बैठकें, मोदी से मिलेंगे इथियोपिया-मलेशिया के PM; जिनपिंग भी पहुंच रहे भारत

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत की मेजबानी में 12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं। शनिवार को मोदी का कार्यक्रम खास तौर पर व्यस्त है, जिसमें मलेशिया और इथियोपिया के प्रधानमंत्रियों के साथ मुलाकात के अलावा वियतनाम के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की दिल्ली यात्रा प्रमुख घटनाक्रम हैं।
मलेशिया और इथियोपिया के नेताओं से बातचीत

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम 11 सितंबर की शाम नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। वह BRICS में पार्टनर देश के तौर पर मलेशिया का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 12 सितंबर को अनवर इब्राहिम की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है। इसके अलावा उनकी इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ भी बैठकें प्रस्तावित हैं। भारत और मलेशिया के बीच व्यापार, निवेश, डिजिटल तकनीक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर है। मलेशिया के मुताबिक 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 18.55 अरब डॉलर रहा था।

वियतनाम के प्रधानमंत्री भी भारत के लिए रवाना

वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग 12 सितंबर की सुबह नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। वह पहली बार BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। वियतनाम 2025 में BRICS का पार्टनर देश बना था और यह उसका BRICS शिखर सम्मेलन में पार्टनर के तौर पर दूसरा मौका है। वियतनाम सरकार के मुताबिक प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग की भारत यात्रा के दौरान BRICS सम्मेलन में भाग लेने के साथ द्विपक्षीय स्तर पर भी बातचीत होगी। भारत और वियतनाम के बीच रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की उम्मीद है।

शी जिनपिंग के दौरे पर दुनिया की नजर

BRICS सम्मेलन का सबसे चर्चित घटनाक्रम चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत दौरा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि शी जिनपिंग BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक की तैयारी की जा रही है। शी जिनपिंग का भारत दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 2020 के गलवान संघर्ष के बाद भारत-चीन संबंधों में लंबे समय तक तनाव रहा। अक्टूबर 2024 में सीमा पर सैनिकों की वापसी और उसके बाद दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ने के बाद अब शीर्ष स्तर पर बातचीत को रिश्तों में सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। मोदी और शी की प्रस्तावित बैठक में सीमा विवाद के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंध, व्यापार और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। हालांकि दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।

BRICS में भारत की बड़ी कूटनीतिक परीक्षा

भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। 2026 का BRICS सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है। इसका फोकस आर्थिक सहयोग, व्यापार और निवेश, तकनीक, वैश्विक शासन व्यवस्था और विकासशील देशों की भूमिका जैसे मुद्दों पर है। इस सम्मेलन में BRICS के सदस्य देशों के अलावा पार्टनर देशों की भी भागीदारी है। भारत के लिए यह सम्मेलन केवल बहुपक्षीय मंच नहीं, बल्कि एक साथ कई देशों के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई नेताओं के साथ बातचीत की है। अब 12 सितंबर को मलेशिया, इथियोपिया, वियतनाम और चीन से जुड़े अहम कूटनीतिक कार्यक्रमों पर नजर रहेगी। यानी BRICS Summit 2026 सिर्फ एक बहुपक्षीय सम्मेलन नहीं, बल्कि दिल्ली में चल रही कई अहम द्विपक्षीय कूटनीतिक बैठकों का भी बड़ा मंच बन गया है।


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