केदारनाथ में बादल फटने से लैंडस्लाइड, पैदल मार्ग बंद; यूपी-बिहार में बाढ़, MP में भी बिगड़े हालात
by न्यूज डेस्क
देश के कई राज्यों में लगातार बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड के केदारनाथ में शुक्रवार को बादल फटने के बाद लैंडस्लाइड हुई, जिससे पहाड़ों से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग बंद हो गया। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश और बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं।
केदारनाथ में बादल फटने के बाद रास्ता बंद
उत्तराखंड के केदारनाथ क्षेत्र में शुक्रवार को बादल फटने के बाद अचानक मलबा और बोल्डर नीचे आ गए। लैंडस्लाइड के कारण केदारनाथ जाने वाला पैदल मार्ग प्रभावित हुआ है। मार्ग पर बड़े पत्थर और मलबा जमा होने से आवाजाही बाधित हो गई है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। राज्य में यलो अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
यूपी में 26 जिले बाढ़ की चपेट में
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में परेशानी बढ़ा दी है। गंगा और यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। बाढ़ की वजह से राज्य के करीब 26 जिले प्रभावित बताए जा रहे हैं, जबकि 4 लाख से ज्यादा लोगों पर इसका असर पड़ा है। मिर्जापुर में बाढ़ के पानी के कारण एक पुल प्रभावित हुआ है। वहीं फर्रुखाबाद में हाईवे तक पानी पहुंच गया है, जिससे आवागमन पर असर पड़ा है। कई निचले इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून
मध्य प्रदेश में करीब तीन दिन के अंतराल के बाद मानसून सिस्टम एक बार फिर सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गुरुवार रात भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा समेत कई इलाकों में बारिश हुई। दमोह में बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। शहर की कई कॉलोनियों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को भारी बारिश के दौरान सावधानी बरतने और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
बिहार में 44 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
बिहार में भी नदियों का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। करीब 14 जिले बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं। बाढ़ से लगभग 2,360 गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं और करीब 44 लाख लोगों पर इसका असर पड़ा है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। करीब 27,954 लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड के अलावा देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ लैंडस्लाइड का खतरा बना हुआ है, जबकि मैदानी इलाकों में नदियों के बढ़ते जलस्तर और जलभराव से परेशानी बढ़ रही है। फिलहाल प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। खासकर नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।