पुतिन-जिनपिंग से मुलाकात करेंगे PM मोदी, भारत मंडपम में BRICS का महामंच; जानें 3 दिन का पूरा शेड्यूल

by न्यूज डेस्क
पुतिन-जिनपिंग से मुलाकात करेंगे PM मोदी, भारत मंडपम में BRICS का महामंच; जानें 3 दिन का पूरा शेड्यूल

नई दिल्ली में अगले तीन दिन भारत की कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली में बैठकों और कूटनीतिक गतिविधियों का सिलसिला चलेगा। भारत मंडपम और हैदराबाद हाउस इन मुलाकातों के प्रमुख केंद्र होंगे। इसी दौरान राजधानी में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन भी हो रहा है। BRICS सम्मेलन के चलते दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया गया है। कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था बदली गई है, जबकि कुछ प्रमुख स्थानों को आम लोगों के लिए अस्थायी रूप से बंद रखा गया है।

तीन दिनों में PM मोदी का किस-किस नेता से मिलना है?

प्रधानमंत्री मोदी का अगले तीन दिनों का कार्यक्रम काफी व्यस्त है। कई अहम द्विपक्षीय बैठकों के जरिए भारत अलग-अलग देशों के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत करेगा। शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी की प्रमुख बैठकों की शुरुआत रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ होगी। दोनों नेताओं की मुलाकात दोपहर करीब 3:30 बजे भारत मंडपम में प्रस्तावित है। इसके बाद शाम करीब 6:15 बजे पीएम मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात करेंगे। करीब 6:45 बजे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ भी बैठक प्रस्तावित है। यानी पहले ही दिन प्रधानमंत्री की तीन महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठकों का कार्यक्रम है। 12 सितंबर: कई देशों के नेताओं से मुलाकात, शाम को जिनपिंग से बैठक... शनिवार का दिन प्रधानमंत्री मोदी के लिए सबसे व्यस्त रहने वाला है.... 
सुबह 10 बजे हैदराबाद हाउस में इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ बैठक होगी। इसके बाद करीब 10:30 बजे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत होगी। सुबह 11 बजे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात प्रस्तावित है। इसके बाद करीब 11:30 बजे वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन ह्यूंग के साथ बैठक होगी। इसी दौरान राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ मुलाकात भी प्रस्तावित है। हालांकि शनिवार की सबसे ज्यादा नजर जिस बैठक पर होगी, वह शाम की मुलाकात है। करीब 5:45 बजे भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बैठक होगी। करीब सात साल बाद भारत आए चीनी राष्ट्रपति के साथ यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

13 सितंबर: कजाकिस्तान से दक्षिण अफ्रीका तक कई बैठकें

रविवार को भी प्रधानमंत्री मोदी की कई अहम द्विपक्षीय बैठकें होंगी। दोपहर करीब 2:30 बजे कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव से मुलाकात होगी। इसके बाद 3 बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के साथ बैठक प्रस्तावित है। करीब 3:30 बजे मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से बातचीत होगी। इसके कुछ ही देर बाद दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के साथ भी प्रधानमंत्री की बैठक होगी।

BRICS सम्मेलन को लेकर दिल्ली में क्या-क्या बदला?

BRICS सम्मेलन के चलते राजधानी में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं। 11 सितंबर को दिल्ली के सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में छुट्टी रखी गई है। इसका मकसद सम्मेलन के दौरान संभावित ट्रैफिक दबाव के कारण बच्चों और अभिभावकों को होने वाली परेशानी को कम करना है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद पुलिस के बीच भी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर समन्वय किया गया है। सुरक्षा इंतजामों में ड्रोन से निगरानी, होटल और संवेदनशील स्थानों की जांच तथा सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त चेकिंग जैसे कदम शामिल हैं। इससे पहले सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए मोटरकेड रिहर्सल भी की गई थी। इस दौरान दिल्ली की करीब 35 सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ था और कई स्थानों पर डायवर्जन लागू किया गया था। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम को भी 13 सितंबर तक बंद रखा गया है। राष्ट्रपति भवन, राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान को भी इस अवधि में आम लोगों के लिए बंद रखा गया है।

12 सितंबर को BRICS में क्या होगा?

12 सितंबर को BRICS सम्मेलन का मुख्य कार्यक्रम होगा। दोपहर करीब 2 बजे सदस्य और आमंत्रित देशों के नेता भारत मंडपम के लेवल-2 पर पहुंचना शुरू करेंगे। इसके बाद आधिकारिक फोटो सेशन होगा। करीब 2:35 बजे नेताओं की बंद कमरे में बैठक प्रस्तावित है। बैठक का प्रमुख फोकस समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर रहेगा। इसका मतलब यह है कि सम्मेलन में वैश्विक संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में अधिक देशों की भागीदारी तथा बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन ह्यूंग समेत कई प्रमुख नेता हिस्सा ले रहे हैं।

भारत-रूस रिश्तों पर भी रहेगी नजर

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री वी.के. सिंह ने उनका स्वागत किया। पुतिन के भारत पहुंचने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत और रूस के संबंधों को लेकर कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से बहुआयामी संबंध रहे हैं। उन्होंने भारत-रूस साझेदारी को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी बताया। ऐसे में अगले तीन दिन सिर्फ BRICS सम्मेलन के लिहाज से ही नहीं, बल्कि भारत की रूस, चीन, ईरान और अन्य प्रमुख देशों के साथ द्विपक्षीय कूटनीति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।


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