अमित शाह ने बिहार में किससे किया था बड़ा बाबू बनाने का वादा विजय सिन्हा ही नहीं मंत्री पद की रेस में कई और बड़े भूमिहार नेता
by newsdesk
दरभंगा जिले का जाले विधानसभा क्षेत्र एक मुस्लिम बहुल सीट के रूप में जाना जाता है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी के लिए जीत हासिल करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। यह भी कहा जाता है कि यहाँ के इतिहास में कोई विधायक लगातार दूसरी बार जीत दर्ज नहीं कर पाया लेकिन जीवेश कुमार लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर ये कारनामा कर चुके हैं। तीसरी बार जाले से चुनाव मैदान में उतरे पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा के लिए चुनाव प्रचार करने दरभंगा आए अमित शाह को भी कहना पड़ा कि आप जीवेश कुमार को तीसरी बार जीताकर सदन में भेजेंगे तो हम इन्हें और बड़ा बनाएंगे।
जाले में जीत बीजेपी के लिए हमेशा बड़ी चुनौती रहा है लेकिन कठिन ऐसे कठिन राजनीतिक समीकरणों के बीच जीवेश कुमार ने अपनी मजबूत पकड़ और कुशल नेतृत्व का परिचय देते हुए जाले में लगातार तीसरी बार कमल खिलाकर एक नया इतिहास रच दिया। जीवेश कुमार पेशे से एक वकील हैं, और एक विद्वान तथा प्रभावशाली वक्ता के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। उनके नेतृत्व और लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब अमित शाह जाले में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुँचे, तो उन्होंने मंच से ही लोगों के उत्साह को देखते हुए कहा—“जीवेश बाबू को जिताइए, इन्हें बड़ा बाबू बनाएंगे।”
भूमिहार समाज में वे एक सशक्त और स्थापित नेता के रूप में जाने जाते हैं। साथ ही, उन्हें एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में भी जाना जाता है। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने बिहार की सभी 40 सीटों पर संयोजक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहाँ उनकी मॉनिटरिंग सीधे केंद्रीय नेतृत्व द्वारा की जा रही थी। सदस्यता अभियान में भी उन्हें बिहार प्रदेश का प्रभारी बनाया गया, और उनके नेतृत्व में रिकॉर्ड सदस्यता दर्ज की गई। उनकी राजनीतिक यात्रा छात्र जीवन से ही शुरू हुई, जब वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता रहे। उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि में भी संगठन की मजबूत जड़ें रही हैं। उनके पिता जिला संघ चालक रह चुके हैं। सरकार में रहते हुए जीवेश कुमार ने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। श्रम मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में बिहार, उत्तर प्रदेश के बाद ई-श्रम कार्ड बनाने वाला देश का दूसरा राज्य बना। उन्होंने श्रमिकों के भुगतान की ऑफलाइन व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया, जिससे बिहार देश में सबसे कम समय में श्रमिकों का भुगतान करने वाला राज्य बना। इसके साथ ही, छात्रों के हित में उन्होंने टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से लगभग 5000 करोड़ रुपये के निवेश द्वारा 149 आईटीआई संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। आईटी मंत्री के रूप में उन्होंने विभाग को पेपरलेस बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया। खान एवं भूतत्व विभाग में रहते हुए उन्होंने K लाइसेंस जारी कर राज्य में रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया। पर्यटन मंत्री के रूप में उन्होंने पटना में फाइव-स्टार होटल की रूपरेखा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, शहरी विकास मंत्री के रूप में उन्होंने पटना मेट्रो परियोजना की शुरुआत कर राज्यवासियों को एक बड़ी सौगात दी। अपनी कार्यशैली, त्वरित निर्णय क्षमता और परिणामोन्मुख दृष्टिकोण के कारण उन्हें सरकार में “टास्क मास्टर” के रूप में भी जाना जाता है। जाले के लोगों को भी उम्मीद है कि गृहमंत्री अपना वादा निभाएंगे और जीवेश कुमार को मंत्री बनाएंगे।