टाटा करेगी बिग बास्केट का अधिग्रहण, CCI ने दी मंजूरी
टाटा करेगी बिग बास्केट का अधिग्रहण, CCI ने दी मंजूरी
मुंबई: भारत में ई-कॉमर्स बाजार में पहले से धाक जमा रखी कंपनियों जैसे अमेजन और रिलायंस को टाटा समूह से कांटे की टक्कर मिलने वाली है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने टाटा और बिग बास्केट सौदे को मंजूरी दे दी है। टाटा डिजिटल द्वारा बिग बास्केट में अधिकांश हिस्सेदारी की खरीद का यह सौदा 1.2 अरब डॉलर का रहने का अनुमान है। इस अधिग्रहण से टाटा डिजिटल ई-ग्रॉसरी मार्केट में दिग्गज कंपनी बन जाएगी और अमेजन, फ्लिपकार्ट, जियोमार्ट, ग्रोफर्स को कड़ी टक्कर मिलेगी।
टाटा डिजिटल की बिग बास्केट में दिलचस्पी सबसे पहले अक्टूबर 2020 में सामने आई थी। टाटा समूह की प्राथमिक और द्वितीयक अधिग्रहण के जरिये बिगबास्केट की ऑनलाइन बिजनेस टू बिजनेस शाखा सुपरमार्केट ग्रॉसरी सप्लाइज (एसजीएस) में 64.3 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की योजना है। इसके बाद एक अलग ट्रांजेक्शन में एसजीएस, बिगबास्केट वेबसाइट के जरिये बिजनेस टू कंज्यूमर सेल्स से जुड़े इनोवेटिव रिटेल कॉन्सेप्ट्स पर एकल नियंत्रण हासिल करेगी।
बिग बास्केट इस वक्त भारत के 2 दर्जन से ज्यादा शहरों में बिजनेस कर रही है। इसकी स्थापना 2011 में हुई थी। इसके मौजूदा निवेशकों में अलीबाबा और एक्टिस शामिल हैं। अलीबाबा और एक्टिस की बिगबास्केट में क्रमश: 30 और 17 फीसदी हिस्सेदारी है। ये दोनों निवेशक अपने शेयर टाटा डिजिटल को बेचेंगे। टाटा ने बिग बास्केट में हिस्सेदारी खरीदने का फैसला प्राइमरी और सेकेंडरी शेयर परचेज के जरिये करने का फैसला किया है। इसके अलावा टाटा डिजिटल अबराज ग्रुप और आईएफसी जैसे निवेशकों से भी हिस्सेदारी खरीद सकता है।
टाटा डिजिटल के बारे में
टाटा डिजिटल लिमिटेड का पूरी तरह मालिकाना हक टाटा संस के पास है। यह टाटा सन्स प्राइवेट लिमिटेड के पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी है। टाटा डिजिटल आइडेंटिटी व एक्सेस मैनेजमेंट, लॉयल्टी प्रोग्राम, ऑफर व पेमेंट्स से जुड़ी टेक्नोलॉजी सेवाएं उपलब्ध कराती है। निश्चित सीमा से अधिक के सौदे के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग से मंजूरी लेने की जरूरत होती है।