ग्लोबल हंगर इंडेक्स में पाकिस्तान की हालत खराब, एक्सपर्ट ने शहबाज सरकार पर उठाए सवाल
by न्यूज़ डेस्क
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में भुखमरी और कुपोषण को लेकर एक बार फिर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान 122 देशों में 106वें स्थान पर है। देश को 25.5 का स्कोर मिला है, जो गंभीर श्रेणी में आता है। रिपोर्ट सामने आने के बाद पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने अपनी ही सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं।
श्रीलंका और बांग्लादेश से भी पीछे पाकिस्तान
ग्लोबल हंगर इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण एशिया में पाकिस्तान की स्थिति कई पड़ोसी देशों से खराब है। भारत 24.1 के स्कोर के साथ 100वें, बांग्लादेश 19.2 के साथ 84वें, नेपाल 14.5 के साथ 72वें और श्रीलंका 10.2 के साथ 53वें स्थान पर है। वहीं, अफगानिस्तान 28.6 के स्कोर के साथ पाकिस्तान से भी नीचे है।
अपनी ही सरकार पर क्यों भड़के पाकिस्तानी एक्सपर्ट?
रिपोर्ट को लेकर पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सैन्य और कूटनीतिक उपलब्धियों का जिक्र करता है, लेकिन देश के भीतर भुखमरी और कुपोषण जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। चीमा ने शहबाज शरीफ सरकार पर सेना की उपलब्धियों के पीछे छिपने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को देश के आम लोगों की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उनके बयान का मुख्य सवाल यही है कि जब सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी उपलब्धियां गिनाती है, तो देश में भोजन और पोषण की स्थिति सुधारने के लिए क्या किया जा रहा है।
पाकिस्तान में कुपोषण की स्थिति कितनी गंभीर?
ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2026 के अनुसार, पाकिस्तान की करीब 16.1 प्रतिशत आबादी कुपोषण का सामना कर रही है। पांच साल से कम उम्र के 33.6 प्रतिशत बच्चों की लंबाई उनकी उम्र के हिसाब से कम है, जबकि 9.8 प्रतिशत बच्चों का वजन उनकी लंबाई के अनुपात में कम है। पांच साल की उम्र से पहले बच्चों की मृत्यु दर 5.6 प्रतिशत दर्ज की गई है। ये आंकड़े देश में खाद्य सुरक्षा और बच्चों के पोषण से जुड़ी चुनौतियों को सामने रखते हैं।
भारत और पाकिस्तान दोनों गंभीर श्रेणी में
ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत को 24.1 और पाकिस्तान को 25.5 का स्कोर मिला है। दोनों देश गंभीर श्रेणी में हैं, लेकिन इस सूचकांक में पाकिस्तान की स्थिति भारत से नीचे है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का स्कोर 2018 में 24.0 था, जो 2026 में बढ़कर 25.5 हो गया। वहीं भारत का स्कोर 2018 के 25.8 से घटकर 24.1 हुआ है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स में कम स्कोर बेहतर स्थिति को दर्शाता है। यह सूचकांक कुपोषण, बच्चों में उम्र के हिसाब से कम लंबाई, लंबाई के अनुपात में कम वजन और पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर जैसे संकेतकों के आधार पर तैयार किया जाता है। पाकिस्तान के सामने अब चुनौती सिर्फ अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि बनाए रखने की नहीं, बल्कि आम नागरिकों और बच्चों तक पर्याप्त भोजन और बेहतर पोषण पहुंचाने की भी है।