अखिलेश यादव को आई आजम खान की याद? रामपुर में ओवैसी की एंट्री के बीच मुलाकात के सियासी मायने

अखिलेश यादव को आई आजम खान की याद? रामपुर में ओवैसी की एंट्री के बीच मुलाकात के सियासी मायने

उत्तर प्रदेश की सियासत में रामपुर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।** समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से मुलाकात करने रामपुर पहुंच रहे हैं। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रामपुर में जनसभा कर समाजवादी पार्टी की मुस्लिम राजनीति पर सवाल उठाए थे। ऐसे में अखिलेश और आजम खान की मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति और मुस्लिम मतदाताओं के बीच सपा की पकड़ के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

रामपुर दौरे के क्या हैं सियासी मायने?

अखिलेश यादव के कार्यक्रम के मुताबिक, वह रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय जाएंगे। इसके बाद जिला जेल में आजम खान से मुलाकात करेंगे। जेल से निकलने के बाद उनके आजम खान के आवास पर जाकर परिवार से मिलने का भी कार्यक्रम है। इस दौरे को सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात के तौर पर नहीं देखा जा रहा। रामपुर लंबे समय से आजम खान की राजनीतिक पहचान और समाजवादी पार्टी के प्रभाव वाला क्षेत्र रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव की इस मुलाकात के जरिए पार्टी और आजम खान के बीच राजनीतिक तालमेल को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस दौरे का मकसद क्या है और इसका चुनावी रणनीति पर कितना असर पड़ेगा, इस बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पार्टी के आधिकारिक बयान और मुलाकात के बाद सामने आने वाली जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।

ओवैसी की सक्रियता से सपा के सामने नई चुनौती?

उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं के बीच समाजवादी पार्टी लंबे समय से एक प्रमुख राजनीतिक विकल्प रही है। दूसरी ओर, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश करती रही है। रामपुर में ओवैसी की जनसभा और सपा की मुस्लिम राजनीति पर उनके सवालों ने इस सियासी मुकाबले को चर्चा में ला दिया है। ऐसे में अखिलेश यादव का आजम खान से मिलना इस क्षेत्र में पार्टी की राजनीतिक स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


न्यूज डेस्क