सोनम वांगचुक का सरकार को अल्टीमेटम, 24 घंटे में प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया तो अनशन पर विचार
by न्यूज डेस्क
नई दिल्ली: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान नेताओं की हिरासत को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गिरफ्तार नेताओं को रिहा करने की मांग करते हुए कहा है कि यदि 24 घंटे के भीतर रिहाई नहीं हुई, तो वह अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करेंगे। वांगचुक ने मौजूदा हालात को ‘अघोषित आपातकाल’ जैसा बताया है।
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले ही उन्होंने प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर शांति बनाए रखने और एकजुट रहने की अपील की थी। वांगचुक के मुताबिक, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसे हालात बनेंगे, जिन्हें वह अघोषित आपातकाल के समान मानते हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए कई लोग आगे आए थे, लेकिन बाद में उन्हें इन नेताओं की गिरफ्तारी की जानकारी मिली। इसके बाद वांगचुक ने उनकी रिहाई की मांग उठाई।
अभिजीत दिपके समेत अन्य नेताओं की रिहाई की मांग
वांगचुक ने जिन लोगों की हिरासत को लेकर चिंता जताई, उनमें CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका समेत संगठन से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी को जल्द रिहा किया जाएगा। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटे में रिहाई नहीं होती है, तो वह विरोध दर्ज कराने के लिए अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, उनके बयान के मुताबिक, यह कदम उठाने पर विचार की बात है, किसी कार्यक्रम की अंतिम घोषणा नहीं।
CJP प्रदर्शन को लेकर क्या है पूरा मामला?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। संगठन मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा था। दिल्ली पुलिस ने कम समय में आवेदन मिलने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया था। इसके बावजूद प्रदर्शन के लिए जुटे लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। इसी घटनाक्रम के बीच सोनम वांगचुक का बयान आया है। अब उनकी अगली रणनीति और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई को लेकर होने वाले घटनाक्रम पर नजर रहेगी।