ट्रंप की अपनी सेना पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! आर्मी चीफ रैंडी जॉर्ज को बीच जंग में फायर किया गया
ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी प्रशासन ने बड़ा झटका दिया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर रिटायरमेंट लेने को कहा है। पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इसकी पुष्टि की है।
यह फैसला ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई के बीच आया है, जब अमेरिका हवाई हमलों को तेज कर रहा है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसे ट्रंप प्रशासन की "सेना को अपनी लाइन पर लाने" की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों हटाया गया रैंडी जॉर्ज?
- जनरल रैंडी जॉर्ज को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के समय में आर्मी चीफ बनाया गया था।
- ट्रंप और हेगसेथ अपनी "विजन" को लागू करने के लिए नई लीडरशिप चाहते हैं।
- सूत्रों के मुताबिक, हेगसेथ ने सीधे जॉर्ज से "इमीडिएट रिटायरमेंट" की मांग की।
- उनकी जगह आर्मी वाइस चीफ जनरल क्रिस्टोफर ला-नेव को कार्यवाहक चीफ बनाया गया है।
यह घटना अमेरिकी सेना में चल रही "प्यूरिज" (सफाई) का हिस्सा लग रही है। ईरान वॉर के दौरान टॉप जनरल को हटाने से कई सवाल उठ रहे हैं — क्या ये सैन्य रणनीति में बदलाव का संकेत है? या राजनीतिक नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश?
ट्रंप प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि पेंटागन अब पुरानी लीडरशिप के साथ नहीं चलेगा। ईरान जंग का नया चैप्टर शुरू होते ही अमेरिकी सेना के अंदर भी हलचल तेज हो गई है।