हम किसानों को यहां से जाने के लिए नहीं कहेंगे', जानें कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर क्या बोले राकेश टिकैत
देशभर में कोरोना के केस रोजाना नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं दिल्ली बॉर्डर पर किसान नेता डटे हुए हैं. ऐसे में जब किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम किसानों को यहां से जाने के लिए नहीं कहेंगे. हम 5 महीनें से यहां हैं, ये तो अब हमारा गांव है. यहां कैंप लगवाया जाए, हम वैक्सीन लगवाएंगे. हम यहां कम लोगों को रखेंगे और बैठक नहीं होगी, लोग आते जाते रहेंगे. आज हम 2 दिन के लिए हरियाणा जाएंगे. हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा की सीमा पर बैठे किसानों के कोरोना टेस्ट और वैक्सीन लगाने के लिए किसान नेताओं के साथ आज शाम 4 बजे अधिकारियों की बैठक होगी. किसान नेताओं के मानते ही स्वास्थ्य विभाग अपना काम शुरू कर देगा.
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अपने घर पर हैं. हम उन्हें और कहां जाने के लिए कहेंगे? क्या यहां से कोरोना फैल रहा है? हम पिछले 5 महीनों से यहां रह रहे हैं, यह अब हमारा घर है. कई किसानों ने टीका लगवा लिया है, लेकिन दूसरी खुराक पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. हमने अधिकारियों को यहां शिविर लगाने के लिए कहा है. जब सोशल मीडिया पर उनके हालिया इफ्तार पार्टी के वायरल वीडियो के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि लोग एक-दूसरे से थोड़ी दूरी पर बैठे थे. सरकार द्वारा 50 लोगों की अनुमति दी है लेकिन वहां सिर्फ 22-35 लोग थे. कोई एक दूसरे से नहीं मिल रहा था और ना ही किसी ने हाथ मिलाया.
कोरोना केस 3 लाख 14 हजार के पार
देश में गुरुवार को कोविड-19 के अब तक के सर्वाधिक 3.14 लाख से ज्यादा मामले आने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 1,59,30,965 हो गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 3,14,835 मामले आए जबकि 2104 और मरीजों की मौत हो जाने से अब तक इस महामारी की वजह से जान गंवो वालों की संख्या बढ़ कर 1,84,657 हो गई है. लगातार 43 वें दिन उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी बढ़ी और 22,91,428 हो गयी है जो कि संक्रमण के कुल मामलों का 14.38 प्रतिशत है। देश में कोविड-19 से ठीक होने की दर 84.46 प्रतिशत हो गयी है.
संक्रमण से ठीक हुए लोगों की संख्या 1,34, 54,880 हो गयी है। मृत्यु दर 1.16 प्रतिशत हो गयी है. भारत में कोविड-19 के मामले पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख की संख्या पार कर गए थे. इसके बाद संक्रमण के मामले 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के पार चले गए थे. वैश्विक महामारी के मामले 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ से अधिक हो गए थे. इसके बाद 19 अप्रैल को संक्रमितों की संख्या 1.50 करोड़ से ज्यादा हो गयी. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक, 21 अप्रैल तक 27,27,05,103 नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 16,51,711 नमूनों की जांच बुधवार को की गई.